मायसम सीमेंट की पहल से बदली शासकीय प्राथमिक शाला जगथर की तस्वीर
दमोह, 07 मार्च (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में मायसम सीमेंट (हीडलबर्ग मैटेरियल्स इंडिया लिमिटेड) की नरसिंहगढ़ इकाई ने सराहनीय पहल की है। कंपनी ने अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत ग्राम जगथर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का व्यापक जीर्णोद्धार कर विद्यालय को नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया है।
पहले जर्जर स्थिति में था विद्यालय
कुछ समय पहले तक ग्राम जगथर का यह शासकीय प्राथमिक शाला भवन बेहद खराब स्थिति में था। स्कूल की छत और दीवारें जर्जर हो चुकी थीं और गिरने की स्थिति में पहुंच गई थीं। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती थी, जिससे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। विद्यालय परिसर में अव्यवस्था और गंदगी के कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी नहीं मिल पा रहा था।
सीएसआर के तहत कराया गया जीर्णोद्धार
विद्यालय की स्थिति को देखते हुए मायसम सीमेंट कंपनी ने सीएसआर योजना के अंतर्गत इसके संपूर्ण जीर्णोद्धार का कार्य कराया। इस दौरान स्कूल भवन की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया गया। साथ ही परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक पेवर टाइल्स युक्त मार्ग का निर्माण कराया गया।
विद्यालय भवन की दीवारों पर आकर्षक रंग-रोगन कर परिसर को नया और प्रेरणादायक स्वरूप दिया गया है। अब विद्यालय का वातावरण पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक दिखाई देता है।
शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए निरंतर प्रयास
मायसम सीमेंट कंपनी लंबे समय से दमोह क्षेत्र में सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्य कर रही है। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं होती हैं। इसी सोच के साथ कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के निर्माण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है।
ग्रामीणों और शिक्षकों ने जताया आभार
विद्यालय में हुए विकास कार्य के बाद ग्राम जगथर के ग्रामीणों और शाला परिवार में खुशी का माहौल है। अब बच्चे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे। ग्रामीणों और शिक्षकों ने मायसम सीमेंट कंपनी के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिला है, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

