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मुरैना: नगर निगम एवं प्रशासन ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बाजारों में मची अफरा-तफरी

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मुरैना: नगर निगम एवं प्रशासन ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बाजारों में मची अफरा-तफरी


- विरोध के बावजूद हटाए गए कब्जे, हाथ ठेले और सामान जब्त कर ले गई निगम टीम

मुरैना, 12 मई (हि.स)। मध्य प्रदेश के मुरैना शहर में लंबे समय बाद मंगलवार को नगर निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अचानक शुरू हुए इस अभियान से शहर के प्रमुख बाजारों में अफरा-तफरी और कोहराम की स्थिति बन गई। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान दुकानदारों, व्यापारियों और फुटपाथ कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, लेकिन विरोध के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।

अभियान का नेतृत्व अपर कलेक्टर एवं तहसीलदार द्वारा किया गया। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल, कर्मचारियों तथा जेसीबी मशीनों के साथ शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर पहुंची और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि हाथ ठेला संचालक, फुटपाथ व्यापारी और दुकानदार संभल भी नहीं पाए और निगम कर्मचारियों ने कई स्थानों से सामान जब्त कर वाहनों में भर लिया।

सबसे अधिक तनावपूर्ण स्थिति बिहारी जी मंदिर के सामने स्थित सराफा मार्केट में देखने को मिली, जहां व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया।

व्यापारियों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना दिए अचानक कार्रवाई करना उचित नहीं है। इस दौरान कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया और प्रशासनिक अधिकारियों एवं व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शहर के कई प्रमुख बाजारों की सड़कें चौड़ी और साफ दिखाई देने लगीं। लंबे समय से सड़क किनारे फैले अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही थी। लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बाजारों में हर समय जाम जैसी स्थिति बनी रहती थी, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यदि नियमित रूप से इस प्रकार अभियान चलाया जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कई छोटे व्यापारियों और ठेला संचालकों ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि रोजी-रोटी के लिए वे सड़क किनारे व्यापार करने को मजबूर हैं और प्रशासन को उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

गौरतलब है कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान कई महीने पहले प्रस्तावित था, लेकिन किसी कारणवश लगातार टलता रहा। मंगलवार को अचानक शुरू हुई कार्रवाई ने पूरे शहर में चर्चा का विषय बना दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर कब तक अतिक्रमण मुक्त रहेगा। क्योंकि पूर्व में भी कई बार ऐसे अभियान चलाए गए, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा सड़क किनारे कब्जे होने लगे थे। फिलहाल प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा