राजगढ़ः मुआवजे की मांग को लेकर किसान 15 सितंबर से करेंगे भूख हड़ताल
राजगढ़, 13 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर रविवार को एकत्रित हुए। किसान संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर 15 सितंबर से सुठालिया के जीन ग्राउंड में भूख हड़ताल और धरना- प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि परियोजना के कारण प्रभावित कई परिवारों को अब तक जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों का पूरा मुआवजा व पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है। समिति के जयपाल सिंह ने बताया कि किसानों की प्रमुख मांग चार गुना मुआवजा देने की है। जिन किसानों को पहले दो गुना मुआवजा मिला है, उन्हें शेष दो गुना राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही 1 जनवरी 2021 को कटऑफ तारीख मानकर उस दिन तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके परिवार के सदस्यों को वयस्क मानते हुए नियमानुसार लाभ दिया जाए। किसानों ने डूब क्षेत्र में आने वाले मकानों और अन्य संपत्तियों के सर्वे पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि कृषि भूमि पर बने मकान, कुएं, ट्यूबवेल, पेड़-पौधे, फलदार पौधे और सिंचाई पाइपलाइन सहित सभी संपत्तियों का सही सर्वे व मूल्यांकन कर लंबित मुआवजा दिया जाए। 171 में से 69 मकान ही डूब क्षेत्र में शामिल कांकरिया गुर्जर के किसानों ने दोबारा सर्वे की मांग की है। समिति के अनुसार गांव में 171 मकान हैं, लेकिन केवल 69 को डूब क्षेत्र में शामिल किया गया है। सेमलापार, राजपूतखेड़ा, सेकनपुर, मधुसूदनगढ़ तहसील के रामनगर सहित अन्य प्रभावित गांवों में भी दोबारा सर्वे की मांग की गई है। टोडी के 24 और गुजरखेड़ी के तीन पूरी तरह प्रभावित मकानों को नियमानुसार मुआवजा देने तथा 90 व 100 प्रतिशत डूब प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के सभी लाभ देने की मांग भी रखी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

