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मप्र का रीवा जिला जल अभावग्रस्त घोषित, निजी नलकूप खनन पर लगा प्रतिबंध

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मप्र का रीवा जिला जल अभावग्रस्त घोषित, निजी नलकूप खनन पर लगा प्रतिबंध


रीवा, 19 मार्च (हि.स.)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिभा पाल ने गुरुवार को मप्र पेयजल परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 की धारा-3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण रीवा जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 15 जुलाई 2026 या वर्षा के आरंभ तक प्रभावी रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार जिले में इस वर्ष सामान्य औसत वर्षा से कम वर्षा हुई है। सिंचाई आदि कार्यों में भू-गर्भीय जल के अत्यधिक दोहन के कारण पेयजल स्त्रोतों के जल स्तर में कमी आई है। जिसके कारण जिले के सभी विकासखण्डों एवं नगरीय क्षेत्रों में नलकूपों और अन्य जल स्रोतों के जल स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे जिले में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका है। पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड रीवा द्वारा नलकूप खनन में पूणर्त: प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व अनुमति के नवीन नलकूप खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी व्यक्ति एवं प्राइवेट ठेकेदार बिना अनुमति नलकूप खनन नहीं करेगा। यह आदेश सरकारी नलकूप खनन कार्यों पर लागू नहीं होगा। नदी, नालों, स्टॉपडैम और सार्वजनिक कुओं के जल को केवल घरेलू और पेयजल प्रयोजनों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। किसी भी शासकीय भूमि पर स्थित जल स्रोतों में पेयजल तथा घरेलू प्रयोजनों को छोड़कर अन्य किसी प्रयोजनों के लिए नहरों में प्रवाहित जल के अलावा अन्य स्रोतों का दोहन किन्ही भी साधनों द्वारा जल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। निजी भूमि पर नलकूप खनन के इच्छुक व्यक्तियों को संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्धारित प्रारूप और शुल्क के साथ आवेदन करना होगा। एसडीएम पीएचई विभाग से तकनीकी अनुशंसा प्राप्त करने के बाद ही अनुमति प्रदान करेंगे। सार्वजनिक जल स्रोत सूखने की स्थिति में प्रशासन जनहित में किसी भी निजी पेयजल स्रोत का एक निश्चित अवधि के लिए अधिग्रहण कर सकेगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के तहत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग, पीएचई और नगर निकायों के अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर