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मध्‍य प्रदेश में ठंड का कहर जारी, मंदसौर में पारा 2.5 डिग्री पर पहुंचा, शीतलहर-कोहरे से जनजीवन प्रभावित

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मध्‍य प्रदेश में ठंड का कहर जारी, मंदसौर में पारा 2.5 डिग्री पर पहुंचा, शीतलहर-कोहरे से जनजीवन प्रभावित


- पहाड़ों में बर्फबारी से प्रदेश में सर्दी हुई और तेज

भोपाल, 17 जनवरी (हि.स.)। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के असर से मध्य प्रदेश में ठंड ने तीखा रूप ले लिया है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद प्रदेश में सर्दी और तेज हुई है। अगले दो से तीन दिन तक कड़ाके की ठंड बनी रहने की संभावना है। 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में बादल और हल्की बारिश की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि नया सिस्टम सक्रिय होने पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। शनिवार सुबह 15 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की चादर छाई रही, जबकि शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी और मैहर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

कई शहरों में पारे में रिकॉर्ड गिरावट

शुक्रवार की रात कई जिलों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे ठंडा जिला मंदसौर रहा। यहां तापमान 2.5 डिग्री दर्ज किया गया। मंदसौर के बाद कटनी के करौंदी में 2.7 डिग्री, शाजापुर में 3.3 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री और पचमढ़ी में 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजगढ़ में 4.5 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री, मंडला में 5.6 डिग्री, रीवा में 5.8 डिग्री और मलाजखंड में 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया, रायसेन और नौगांव में पारा 6.8 डिग्री रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान 10 डिग्री के आसपास बना हुआ है। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री, भोपाल में 6 डिग्री, इंदौर में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कोहरे से दृश्यता घटी

राजगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, जहां विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक सिमट गई। भोपाल, दतिया, ग्वालियर, सतना, रीवा और खजुराहो में दृश्यता करीब 1 किलोमीटर रही। उज्जैन, रतलाम, इंदौर, नर्मदापुरम, गुना, दमोह, मंडला, नौगांव और सागर में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई।

मौसम में बदलाव की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। वहीं, 16 जनवरी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है और 19 जनवरी से नया सिस्टम असर दिखा सकता है। यदि यह मजबूत रहा तो 20-21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल और बारिश देखने को मिल सकती है।

यातायात पर असर

शनिवार सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा रहा। इंदौर, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी कोहरे का असर देखा गया। कम दृश्यता के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत पंजाब मेल और जनशताब्दी सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत