home page

विदिशाः माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए पाँच भाई-बहनों को मिला संरक्षण

 | 
विदिशाः माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए पाँच भाई-बहनों को मिला संरक्षण


- बाल कल्याण समिति ने बड़े भाई को बनाया संरक्षक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित दस्तावेजी कार्रवाई के दिए निर्देश

विदिशा, 01 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम अबुपुर कुचोली निवासी पाँच भाई-बहनों के माता-पिता के निधन के बाद बच्चों के सामने उत्पन्न हुई कठिन परिस्थितियों को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई।

जिला प्रशासन ने मंगलवार को जानकारी दी कि पाँचों भाई-बहनों के पिता का निधन लगभग पाँच वर्ष पूर्व हो गया था। इसके बाद बच्चों की माता ही उनका पालन-पोषण कर रही थीं, लेकिन 30 जुलाई 2026 को करंट लगने से उनकी भी मृत्यु हो गई। माता-पिता दोनों के निधन के बाद पाँचों बच्चे बेसहारा हो गए। बच्चों की स्थिति की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक ऋतु शर्मा द्वारा पाँचों बच्चों को आवश्यक संरक्षण एवं आर्थिक सहायता के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों की स्थिति का संवेदनशीलता से संज्ञान लेते हुए बड़े भाई राजा सहरिया को बच्चों का संरक्षक नियुक्त किया गया। समिति द्वारा सभी बच्चों के आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने, शासकीय योजनाओं से जोड़ने तथा बच्चों को नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए परियोजना अधिकारी, गंजबासौदा को निर्देशित किया गया।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति, सदस्य सुनीता दांगी, लक्ष्मी शर्मा, चंद्रभान सिंह बघेल, दीवान सिंह मीणा द्वारा पाँचों बच्चों की काउंसलिंग की गई। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया। समिति द्वारा बच्चों की शिक्षा निरंतर जारी रखने, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का ध्यान रखने तथा उन्हें शासन की पात्र योजनाओं एवं सुविधाओं से लाभान्वित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बाल कल्याण समिति की इस पहल का उद्देश्य माता-पिता को खो चुके इन बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराते हुए उनके भविष्य को संवारना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर