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वीरांगना रानी अवंतीबाई का जीवन देता है साहस, न्याय और जनसेवा की प्रेरणा : प्रहलाद सिंह पटेल

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वीरांगना रानी अवंतीबाई का जीवन देता है साहस, न्याय और जनसेवा की प्रेरणा : प्रहलाद सिंह पटेल


- मंत्री पटेल रानी अवंतीबाई की 200 वीं जयंती पर कृषि उपज मंडी गोटेगांव में मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल, 16 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि रानी अवंतीबाई का जीवन केवल शौर्य और बलिदान की गाथा नहीं, बल्कि न्याय, जनसेवा, निर्भयता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। उनकी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

मंत्री पटेल रविवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।

इस अवसर पर मंत्री पटेल ने कहा कि मूर्तियां बोलती नहीं हैं, लेकिन जिसकी मूर्ति लगी होती है, उसका जीवन बोलता है। हमें महापुरुषों और वीरांगनाओं की प्रतिमाएं स्थापित करने के साथ उनके जीवन और संघर्ष को समझना तथा उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारना चाहिए। केवल भाषणों से समाज प्रभावित नहीं होता, बल्कि व्यक्ति का जीवन, उसका आचरण और उसकी कार्यशैली ही वास्तविक प्रेरणा बनती है।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश और प्रदेश का भविष्य है। हमें अपने बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा और रोजगार के लिए तैयार नहीं करना है, बल्कि उनमें संस्कार, विवेक, संयम और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी है। निर्भय होकर जीना समाज जीवन की सबसे बड़ी सफलता है।

रानी अवंतीबाई ने जनहित को सत्ता से ऊपर रखा

मंत्री पटेल ने रानी अवंतीबाई के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 200 वर्ष पूर्व उन्होंने जिस साहस और विवेक का परिचय दिया, वह आज भी प्रेरणादायी है। अंग्रेजों ने उनके पति के निधन के बाद राज्य को अपने अधीन करने का प्रयास किया, लेकिन रानी अवंतीबाई ने स्वयं शासन की जिम्मेदारी संभाली और अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अकाल के समय जब किसान कर देने की स्थिति में नहीं थे, तब रानी अवंतीबाई ने अपनी प्रजा की कठिनाइयों को समझा। उन्होंने किसान और गरीब जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इतिहास में अनेक लोगों ने अपनी सत्ता और व्यक्तिगत हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, लेकिन रानी अवंतीबाई ने अपनी प्रजा के हित में अपनी सत्ता तक को दांव पर लगा दिया। यही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता थी।

निर्भयता के साथ विवेक और संयम जरूरी

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय गोटेगांव और आसपास का क्षेत्र अनेक सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा था। उस दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि केवल निर्भय होना पर्याप्त नहीं है। निर्भयता के साथ विवेक और संयम भी आवश्यक है। सही मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकता है और युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास को केवल पढ़ना या सुनना नहीं चाहिए, बल्कि उसके संदेश को समझना चाहिए। सत्य और न्याय के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति को संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर बने रहना ही वास्तविक साहस है।

बेटियों को संस्कार के साथ निर्भयता दें

मंत्री पटेल ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा का अर्थ उन्हें रोकना या उनकी स्वतंत्रता सीमित करना नहीं है। बेटियों को संस्कार देने के साथ उन्हें निर्भय होकर जीने का आत्मविश्वास देना होगा। उन्होंने कहा कि जिस समाज की बेटियां और बच्चे बिना भय के आगे बढ़ सकें, वही वास्तव में सशक्त समाज है।

नशे से युवा पीढ़ी को बचाना समाज की जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि समाज को कमजोर करने वाली बुराइयों से युवा पीढ़ी को बचाना आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज केवल धन, पद या सत्ता से मजबूत नहीं होता। समाज तब मजबूत होता है, जब उसमें बड़ी संख्या में समाजसेवी हों, सामाजिक बुराइयां कम हों और लोग एक-दूसरे के सहयोग के लिए आगे आएं। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ, संयमित और सकारात्मक जीवन अपनाने का आह्वान किया।

रानी अवंतीबाई की 200वीं जयंती के लिए अभी से तैयारी का आह्वान

मंत्री पटेल ने रानी अवंतीबाई की वर्ष 2031 में 200वीं जयंती को ऐतिहासिक अवसर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभी से इसकी तैयारी शुरू की जानी चाहिए, ताकि उनकी जन्मभूमि मनकेड़ी में बड़ी संख्या में लोग पहुंचें और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करें। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे देश की वीरांगना हैं। उनका जन्म एक समाज में हुआ, लेकिन उन्होंने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। इसलिए उनकी स्मृति को किसी एक समाज तक सीमित नहीं रखना चाहिए। सर्व समाज को एकजुट होकर उनके त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के संदेश को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए।

कार्यक्रम में मंत्री पटेल ने रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापना एवं अनावरण के लिए समिति के सदस्यों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को साहस, विवेक, संयम, न्याय, सत्य और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

समारोह में गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश, समाजसेवी रामसनेही पाठक और जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत सिंह लोधी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अनीता राजेंद्र ठाकुर, वरिष्ठ समाजसेवी सरदार सिंह पटेल, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, फलित सिंह पटेल, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, अनुराधा पटेल, आशा झरिया, लक्ष्मी ठाकुर, अंजलि सोनी, देवी सिंह पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / भागीरथ तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर