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उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में रंग-गुलाल ले जाने पर प्रतिबंध

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उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में रंग-गुलाल ले जाने पर प्रतिबंध


- श्रद्धालु नहीं खेल सकेंगे होली, दो दिन जांच के बाद ही मिलेगा मंदिर परिसर में प्रवेश

उज्जैन, 27 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में होली पर रंग-गुलाल ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालु मंदिर परिसर और महाकाल लोक में श्रद्धालु होली नहीं खेल सकेंगे। यहां 2 और 3 मार्च को सख्त जांच के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा।

यह फैसला शुक्रवार को मंदिर प्रबंध समिति द्वारा लिया गया है। दरअसल, साल 2024 की धुलेंडी पर भस्म आरती के दौरान महाकालेश्वर मंदिर में भीषण आग लग गई थी। इस घटना में पुजारी सहित करीब 14 लोग झुलस गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने इस बार विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना प्रतिबंधित है। रंग उड़ाना या विशेष उपकरण से रंग फैलाना और एक-दूसरे को रंग लगाना पूरी तरह वर्जित रहेगा।

भगवान श्री महाकालेश्वर की त्रिकाल आरती में प्रत्येक आरती के दौरान 1-1 किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती, शयन आरती और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी और आउटसोर्स स्टाफ रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे।

सभी को अपने सामान की जांच कराकर ही परिसर में प्रवेश मिलेगा। आपस में रंग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात निरीक्षक और सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं की जांच करेंगे। मंदिर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए संपूर्ण परिसर की लगातार मॉनिटरिंग होगी। किसी भी प्रकार के रंग या विशेष उपकरण के प्रवेश और उपयोग को तुरंत रोका जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर