उज्जैनः कालभैरव मंदिर में अब शीघ्र दर्शन व्यवस्था, 500 रुपये का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे श्रद्धालु
उज्जैन, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाद अब श्री काल भैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं के लिए शीघ्र दर्शन व्यवस्था शुरू कर दी गई है। बुधवार से लागू हुई इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु 500 रुपये का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे। टिकट मंदिर परिसर के बाहर बने काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।
विश्व प्रसिद्ध श्री कालभैरव मंदिर, जहां भगवान काल भैरव को मदिरा का भोग लगाया जाता है, वहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को देखते हुए मंदिर में 125.17 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, फिलहाल यह व्यवस्था ऑफलाइन शुरू की गई है, जिसे जल्द ही ऑनलाइन भी किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विशेष मार्ग से सीधे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन की सुविधा मिलेगी।
काल भैरव मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वीआईपी प्रोटोकॉल की सशुल्क दर्शन व्यवस्था के साथ सामान्य श्रद्धालु अगर शीघ्र दर्शन करना चाहता हैं तो उन्हें मंदिर के बाहर लगे टिकट काउंटर से 500 रुपये का टिकट लेना होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के निर्गम द्वार से लगे हुए मार्ग से प्रवेश मिलेगा, यहां से श्रद्धालु सीधे मंदिर के गर्भगृह द्वार के गेट से एंट्री लेकर सीधे गर्भगृह में दर्शन कर सकेंगे।
काल भैरव मंदिर में प्रशासक एलएन गर्ग ने बताया कि अभी शुरुआत में ऑफलाइन टिकट वयवस्था की है। इसे जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु शीघ्र दर्शन के नाम पर कई बार ठगी का शिकार होते थे। अब श्रद्धालु मंदिर के टिकट काउंटर से टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर के पट सुबह 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक खुले रहते हैं। इस दौरान सुबह 8 बजे और रात 8:30 बजे आरती के समय कुछ देर के लिए दर्शन बंद कर दिए जाते हैं। बाकी समय श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जाते हैं। प्रशासन की ओर से आने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए अलग से दर्शन व्यवस्था भी की गई है। महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन व्यवस्था के तहत प्रति श्रद्धालु 250 रुपए शुल्क लिया जाता है। इस व्यवस्था में श्रद्धालुओं को फर्स्ट बैरिकेडिंग या नंदी हॉल से दर्शन कराए जाते हैं। हालांकि, महाकाल मंदिर का नंदी हॉल पिछले दो वर्षों से बंद है। वहीं, काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं को मोबाइल और बेल्ट ले जाने की अनुमति है। वहां इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

