(अपडेट) ट्विशा शर्मा मामलाः गिरीबाला सिंह को पद से हटाने के आदेश, जाँच के लिए पत्र प्रेषित
भोपाल, 21 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल व एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौते के मामले में गुरुवार को ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश दिए हैं। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि उनकी नियुक्ति की जांच कराई जाएगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा गुरुवार को जारी प्रेस नोट में कहा है कि विभाग को मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग से जानकारी प्राप्त हुई है कि गिरीबाला सिंह, अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 के विरुद्ध कार्यालय पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस भोपाल के द्वारा थाना कटारा हिल्स में अपराध बीएनएस एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
गिरीबाला सिंह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 में अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष, जिला आयोग के अध्यक्ष के प्रशासकीय नियंत्रणकर्ता हैं। अतः प्रकरण के तथ्यों की जांच के लिये विभाग द्वारा रजिस्ट्रार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल को पत्र लिखा गया है।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। वह प्रेग्नेंट थी। ससुराल वालों ने फांसी लगाकर मौत की बात कही थी, जबकि मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। वहीं पति अभी भी फरार है।
ट्विशा की मौत के मामले में पुलिस की पांच बड़ी चूक सामने आई हैं, जिसके चलते मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे तो आरोपी की तलाश में छह टीमें लगा दी गईं। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। लुक-आउट नोटिस भी जारी कर दिया गया।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। बताया जा रहा है कि भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी। रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई निशान होने का उल्लेख था। इसके बावजूद पुलिस समय रहते आरोपी तक नहीं पहुंच सकी।
वहीं, परिजन शुरुआत से ही ट्विशा की मौत को संदिग्ध बता रहे थे। कार्रवाई में लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। इसी बीच ट्विशा शर्मा का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह एक पालतू कुत्ते के साथ धार्मिक गीत पर डांस करती नजर आ रही हैं।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह की ओर से गुरुवार को उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। समर्थ के वकील मृगेंद्र सिंह का कहना है कि ट्विशा के परिजन के आरोप बेबुनियाद हैं। मौत से पहले उन्होंने कोई बयान नहीं दिया और न ही कोई सुसाइड नोट छोड़ा। परिजन ने पूरे घटनाक्रम को नाटकीय रूप देते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा शर्मा सुसाइड केस की निष्पक्ष जांच मध्य प्रदेश में संभव नहीं है। इसी को लेकर एक अलग याचिका भी तैयार की जा रही है, जिसमें मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की जाएगी।
इससे पहले समर्थ सिंह ने भोपाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया था। वहीं, समर्थ सिंह की मां गिरीबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
ट्विशा परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा कि गिरिबाला सिंह को कानून के विपरीत अग्रिम जमानत दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार का निष्कर्ष गलत था। इसी के खिलाफ हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका दायर की जा रही है।
नेताओं और सेलिब्रिटीज भी ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए आए आगे
इधर, ट्विशा शर्मा की मामले में राजनीतिक दलों और सेलिब्रिटीज की भी एंट्री हो गई है। कई बड़े नेता और फिल्मी हस्तियां ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की मांग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि यूपी की बेटी की मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई दहेज हत्या मामले की गंभीर जांच हो। पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
वहीं अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौट ने लिखा कि हर दिन शादीशुदा महिलाओं से जुड़ी दुखद खबरें आती हैं। वे अपने परिजनों से अनहोनी होने से पहले घुटन भरी जिंदगी से बाहर निकालने की गुहार लगाती हैं। लेकिन भारतीय समाज में शादी के बाद बेटियों को अकेला छोड़ दिया जाता है।
मिसेज यूनिवर्स इंडिया 2023 रही माधूरी पटले ने ट्विशा शर्मा केस में आत्महत्या के एंगल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्विशा पढ़ी-लिखी, आत्मविश्वासी और अलग-अलग शहरों में रहने वाली मॉडल थी। ऐसे में अगर रिश्ते में परेशानी थी, तो वह अलग होने या तलाक लेने का रास्ता भी चुन सकती थी। माधुरी ने कहा कि रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्विशा अपने परिवार और दोस्तों के संपर्क में थी, इसलिए यह सवाल उठता है कि सपोर्ट सिस्टम होने के बावजूद वह आत्महत्या क्यों करेगी।
तेलुगु फिल्म में ट्विशा के साथ काम कर चुकीं श्वेता वर्मा ने कहा कि ट्विशा शर्मा की मौत की खबर सुनकर मैं अब भी सदमे में हूं, खासकर शादी के सिर्फ 6 महीने बाद उनका इस तरह चले जाना बेहद दुखद है। श्वेता ने कहा कि फिल्म में काम के दौरान उनकी ट्विशा से मुलाकात हुई थी। वह हमेशा पॉजिटिव एनर्जी से भरी रहती थीं और कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा सकती हैं।
ऐसे मामलों में वैज्ञानिक सबूत अहमः किरण बेदी
वहीं, पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने ट्विशा शर्मा मामले पर कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को दोनों पक्षों के सबूत और परिजनों के बयान निष्पक्ष तरीके से लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और ब्लड टेस्ट जैसे वैज्ञानिक सबूत बेहद अहम होते हैं। किरण बेदी ने कहा कि जांच एजेंसियां सभी सबूत और अपनी निष्पक्ष असेसमेंट कोर्ट के सामने रखती हैं, जिसके आधार पर अदालत फैसला सुनाती है।
अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने लिखा कि दहेज की आग में जलती हर बेटी की खबर एक सवाल छोड़ जाती है। क्या सच में शादी इतनी जरूरी थी? उन्होंने आगे लिखा कि समाज लड़कियों को सिखाता है कि एक उम्र के बाद शादी कर लेनी चाहिए, अकेली लड़की अच्छी नहीं लगती। उन्होंने कहा कि किसी ने यह नहीं सिखाया कि अकेले रहकर भी खुश रहा जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

