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एमपी ट्रांसको में ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ बनी कार्य संस्कृति

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एमपी ट्रांसको में ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ बनी कार्य संस्कृति


जबलपुर, 22 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाते हुए सभी सबस्टेशनों एवं ट्रांसमिशन लाइनों पर मेंटेनेंस कार्य से पूर्व सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन सुनिश्चित किये जाने की पहल की है।

एमपी ट्रांसको ने रविवार की जानकारी दी कि मेंटेनेंस कार्य प्रारंभ करने से पहले संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा सिंगल लाइन डायग्राम तैयार कर संभावित जोखिमों का आकलन किया जाता है तथा टीम को आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही ‘पेप टॉक’ के माध्यम से सुरक्षा मानकों, लाइव उपकरणों की स्थिति, कार्य क्षेत्र की संवेदनशीलता और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की जाती है, ताकि प्रत्येक कर्मचारी पूर्ण सजगता और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सके।

कार्य के दौरान एकाग्रता बनाए रखने के उद्देश्य से मोबाइल फोन कंट्रोल रूम शिफ्ट इंचार्ज अथवा संबंधित सुपरवाइजर के पास सुरक्षित रूप से जमा कराए जाते हैं। कार्य प्रारंभ से पूर्व संबंधित क्षेत्र को विधिवत अर्थिंग से जोड़ने तथा सुरक्षा मानकों की दोहरी पुष्टि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मेंटेनेंस टीम के लीडर को रोटेशन मे बदलने की अभिनव पहल से कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व बोध एवं टीम भावना का विकास हो रहा है। कंपनी का यह प्रयास न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक