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इंदौर में खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण, दो स्थानों पर कार्रवाई

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इंदौर में खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण, दो स्थानों पर कार्रवाई


- 11 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित, 1.20 लाख रूपये मूल्य का मावा एवं मीठा मावा जब्त

इंदौर, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शहर के दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 11 खाद्य नमूने विस्तृत जांच के लिए संग्रहित किए गए। वहीं, प्रारंभिक परीक्षण में मानक स्तर के अनुरूप नहीं पाए गए मावा एवं मीठा मावा का लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य का स्टॉक जप्त किया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार, खाद्य सुरक्षा टीम ने अग्रवाल कंपाउंड, सुखलिया-खातीपुरा स्थित श्री देव प्रेम मिल्क प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। यहां प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर रवि गुर्जर द्वारा दूध का संग्रहण कर पनीर, घी, मावा एवं मिठाइयों का निर्माण किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य निर्माण में लगे कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पेस्ट कंट्रोल संबंधी अभिलेख एवं पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा खाद्य पदार्थों का भंडारण अव्यवस्थित पाया गया तथा परिसर में अनावश्यक सामग्री भी रखी हुई मिली।

मौके पर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की सहायता से खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच की गई। इसमें मावा एवं मीठा मावा में मिलावट की आशंका सामने आई। इसके बाद मावा, मीठा मावा, मिल्क केक एवं परिसर में संग्रहित स्टार्च सहित कुल 5 खाद्य नमूने विस्तृत जांच के लिए संग्रहित किए गए। प्रारंभिक परीक्षण में मानक स्तर के अनुरूप नहीं पाए गए मावा एवं मीठा मावा के उपलब्ध स्टॉक को विस्तृत जांच रिपोर्ट आने तक जप्त किया गया। जप्त सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये है।

इसके बाद खाद्य नियंत्रक मनोज पुष्प की उपस्थिति में सांवेर रोड स्थित नमकीन क्लस्टर के श्री गणेश चिप्स भंडार का भी औचक निरीक्षण किया गया। यहां प्रोपराइटर हरीश प्रजापत के प्रतिष्ठान में आलू चिप्स एवं आलू लच्छा का निर्माण किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान परिसर में कुछ सड़े हुए आलू पाए गए, जिन्हें मौके पर ही विनष्ट कराया गया। खाद्य निर्माण में उपयोग किए जा रहे तेल का टीपीएम मीटर से परीक्षण किया गया, जिसमें तेल निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। प्रतिष्ठान से आलू चिप्स, आलू लच्छा, मिर्च पाउडर, आमचूर पाउडर, सेंधा नमक एवं काला नमक के कुल 6 नमूने विस्तृत जांच के लिए संग्रहित किए गए।

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नियंत्रक मनोज पुष्प ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं औषधि निरीक्षकों की समीक्षा बैठक भी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई और नमूना संग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व के दृष्टिगत बाजार में विक्रय होने वाली पारंपरिक मिठाइयों के साथ बेसन नमकीन, चॉकलेट एवं बहुराष्ट्रीय ब्रांडों के पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की भी सघन जांच की जाए। मावा एवं अन्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों का मौके पर रैपिड टेस्टिंग के माध्यम से प्रारंभिक परीक्षण कर अमानक पाए जाने पर नियमानुसार जप्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूना संग्रहण बढ़ाने तथा प्रयोगशालाओं से समन्वय कर संदिग्ध नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राथमिकता से प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

औषधि निरीक्षकों को गर्भपात में उपयोग होने वाली औषधियों के दुरुपयोग एवं अवैध विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। अत्यधिक मात्रा में औषधियों का अवैध विक्रय करने वाली फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही करने को कहा गया। साथ ही गर्भपात एवं नशे के लिए उपयोग होने वाली औषधियों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण करने के निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा संग्रहित सभी 11 खाद्य नमूने विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर