मप्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन शुरू, पहले दिन हुई 1616 क्विंटल खरीदी
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर की गई सभी व्यवस्थाएँ चुस्त-दुरूस्त
भोपाल, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गुरुवार से शुरू हो चुका है। पहले दिन 45 उपार्जन केन्द्रों पर 1616 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया गया है। शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा।
यह जानकारी प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

