home page

मप्रः विद्यार्थियों ने विज्ञान आधारित विषयों पर तैयार किए आकर्षक एवं रचनात्मक पोस्टर

 | 
मप्रः विद्यार्थियों ने विज्ञान आधारित विषयों पर तैयार किए आकर्षक एवं रचनात्मक पोस्टर


- उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार से शुरू हुए दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान आधारित विषयों पर आकर्षक एवं रचनात्मक पोस्टर तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी), भोपाल के सहयोग से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए. के. ग्वाल, पूर्व कुलपति, रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू), भोपाल एवं पूर्व प्रोफेसर, भौतिकी, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल उपस्थित रहे। वहीं विशेष व्याख्यान के लिये डॉ. मयूरेश सुर्निस, सहायक प्राध्यापक, खगोल भौतिकी, आईआईएसईआर भोपाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डॉ. अमित जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल भौतिकी, अनुसंधान एवं नवाचार से संबंधित विषयों को समझने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम की सभी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. ए. के. ग्वाल ने अपने संबोधन में विज्ञान के क्षेत्र में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण संकेत बताते हुए कहा कि विज्ञान एवं अनुसंधान में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता देश की प्रगति एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को दर्शाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की उपलब्धियों तथा देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम एवं डॉ. होमी जहांगीर भाभा के योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को भारत की वैज्ञानिक एवं अंतरिक्ष यात्रा से परिचित कराया।

डॉ. अग्रवाल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि वैज्ञानिक उपलब्धियां केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं हैं। वे भारत की सॉफ्ट पावर, वैश्विक प्रतिष्ठा तथा राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि इसरो की अंतरिक्ष उपलब्धियों ने विश्व स्तर पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता, आत्मनिर्भरता एवं प्रतिष्ठा को सुदृढ़ किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने 23 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के महत्व तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों के संबंध में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।

विशेष व्याख्यान में डॉ. मयूरेश सुर्निस ने “आकाशगंगा के आकार के गुरुत्वीय तरंग संसूचक का निर्माण” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने गुरुत्वीय तरंगों, ब्रह्मांड की संरचना तथा अंतरिक्ष में होने वाली विभिन्न वैज्ञानिक घटनाओं को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि गुरुत्वीय तरंगों का अध्ययन आधुनिक खगोल भौतिकी में ब्रह्मांड को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। अपने व्याख्यान में उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान में हो रहे नवीनतम अनुसंधान, वैज्ञानिक चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की। विद्यार्थियों ने व्याख्यान में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस शोध एवं समीक्षा पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें भौतिकी एवं फॉरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों ने विभिन्न शोध एवं समीक्षा विषयों पर अपने पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य, वैज्ञानिक अवधारणाओं एवं निष्कर्षों को पोस्टर के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. मयूरेश सुर्निस, डॉ. सीमा हार्डिकर, प्रोफेसर, एस. एन. जी. जी. पी. जी. कॉलेज, भोपाल तथा डॉ. आर. के. श्रीवास्तव, प्रोफेसर, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल शामिल रहे।

हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान आधारित विषयों पर आकर्षक एवं रचनात्मक पोस्टर तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. हर्षा जालोरी, प्रोफेसर, शासकीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, भोपाल, डॉ. संध्या त्रिवेदी, प्रोफेसर, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल तथा डॉ. स्मिता जैन, प्रोफेसर, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल शामिल रहीं।

20 अगस्त को अंतरिक्ष मॉडल प्रदर्शनी, शोध पोस्टर प्रस्तुति एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान एवं वैज्ञानिक नवाचार से संबंधित अपने ज्ञान, रचनात्मकता एवं प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान एवं कौशल का विकास करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की प्रवृत्ति, रचनात्मकता एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल भौतिकी, अनुसंधान एवं भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों से परिचित कराना है।

दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ने तथा उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर