मप्र एसडीईआरएफ एवं यूएन वूमेन के संयुक्त तत्वाधान में राज्य स्तरीय परामर्श हुआ
- महिलाओं एवं संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा हेतु राहत-बचाव कार्यों के लिए एसओपी तैयार
भोपाल, 05 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में आपदा प्रबंधन के दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य संवेदनशील वर्गों को प्रभावी राहत एवं बचाव सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य आपदा आपात प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) एवं यूएन वूमेन के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को राज्य स्तरीय परामर्श का सफल आयोजन किया गया। इस परामर्श का शुभारंभ महानिदेशक, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
परामर्श का आयोजन एसडीईआरएफ एवं यूएन वूमेन के मध्य हुए एमओयू के अंतर्गत किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी संभागों एवं जिलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उत्तराखण्ड, बिहार एवं भारतीय सेना के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान आपदा की परिस्थितियों में महिलाओं एवं अन्य संवेदनशील वर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए एक समग्र एवं व्यवहारिक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई। जिसका विमोचन महानिदेशक, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य, प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल एवं जनजागरूकता गतिविधियों में तैयार एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपदा के समय प्रत्येक नागरिक, विशेषकर संवेदनशील वर्गों को त्वरित सहायता मिल सके।
यूएन वुमेन इंडिया की प्रतिनिधि सान्या सेठ ने मध्य प्रदेश द्वारा की गई इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। उन्होंने इस विषय में वैश्विक अनुभव साझा करते हुए भविष्य में सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।
उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने अपने राज्य के अनुभव साझा करते हुए बचाव कार्यों में व्यावसायिक दक्षता एवं संवेदनशील दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा एसओपी में महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों के लिए विशेष प्रावधान शामिल करने का सुझाव दिया।
परामर्श के दौरान यूएनडीपी, यूनीसेफ एवं डीएमआई के विशेषज्ञों ने भी विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, ब्रियर श्री शरद नायर (भारतीय सेना), उप महानिरीक्षक होमगार्ड/एसडीईआरएफ मनीष कुमार अग्रवाल, यूएन वूमेन की स्टेट लीड ज्योत्री राय, यूएनडीपी की प्रतिनिधि नमन गुप्ता, यूनीसेफ के अनिल गुलाटी एवं डीएमआई मध्य प्रदेश के डॉ. एस.के. जार्ज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

