मप्रः विशेष न्यायालय ने विद्युत चोरी के आरोपी को दोषसिद्ध होने पर दण्डित किया
- आरोपी पर 23,937 रुपये का अर्थदण्ड एवं 15,958 रुपये का सिविल दायित्व अधिरोपित
भोपाल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सबलगढ़ अंतर्गत विद्युत चोरी के मामले में विशेष न्यायालय (विद्युत अधिनियम), सबलगढ़ के विशेष जिला न्यायाधीश अजय कुमार चौहान ने आरोपी रतीराम धाकड़, निवासी उचाड को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत दोषसिद्ध कर न्यायालय उठने तक की सजा एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय द्वारा आरोपी को न्यायालय उठने तक का कारावास तथा विद्युत चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के तीन गुना के बराबर 23,937 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 05 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 15,958 रुपये का सिविल दायित्व भी अधिरोपित किया है। सिविल दायित्व की राशि जमा होने के उपरांत नियमानुसार अपील अवधि समाप्त होने पर उक्त राशि परिवादी विद्युत कंपनी को वापस की जाएगी।
गौरतलब है कि ग्राम उचाड़ निवासी आरोपी रतीराम धाकड़ द्वारा 03 अगस्त 2023 को 25 के.व्ही.ए. वितरण ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से विद्युत चोरी कर 03 एचपी के मोनो ब्लॉक पंप के द्वारा सिंचाई का कार्य किया जा रहा था। कंपनी के जॉच दल द्वारा निरीक्षण के दौरान विद्युत चोरी के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को सजा सुनाई गई है।
विद्युत चोरी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत चोरी एवं विद्युत के अवैध उपयोग के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विद्युत का वैध एवं सुरक्षित उपयोग करें तथा विद्युत चोरी से दूर रहें। विद्युत चोरी कानूनन दण्डनीय अपराध है और ऐसे मामलों में नियमानुसार दण्डात्मक एवं सिविल कार्रवाई की जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

