मप्र के सीहोर में दीपावली पर रोशनी से जगमगाया कुबेरेश्वरधाम, आकर्षक सजावट देखने उमड़े श्रद्धालु
सीहोर, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वरधाम में दीपावली का पर्व आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दीपोत्सव के अवसर पर धाम को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी, झालरों और विशेष सजावट से सजाया गया है। यहां की भव्य लाइटिंग और मंदिर परिसर की सुंदर सजावट देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर हजारों भक्तों ने धाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में भगवान के दर्शन किए और शाम को बाबा का विशेष अभिषेक-पूजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सहित विठलेश सेवा समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
धनतेरस के अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि दीपावली सुख-समृद्धि और खुशियों का पर्व है। इस पर्व को जरूरतमंदों की मदद करते हुए मनाना चाहिए। उन्होंने धनतेरस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्योहार दीपावली की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। दिवाली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। भारतीय संस्कृति में इस दिन सोना, चांदी अथवा कोई विशेष वस्तु खरीदने की परंपरा है। लोग सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल कीमती वस्तुएं खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली का स्वागत करने का अवसर भी है। घर लाई गई वस्तु से जुड़ी भावना और विश्वास सबसे अधिक मायने रखते हैं। यह त्योहार परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने तथा खुशियां बांटने का भी अवसर देता है। उन्होंने सभी के लिए खुशहाली, अच्छी सेहत, समृद्धि और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद की कामना करते हुए धनतेरस एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
पांच दिवसीय दीपोत्सव पर होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि धनतेरस पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद शनिवार को छोटी दीपावली, रविवार को लक्ष्मी-कुबेर पूजन और सोमवार को गोवर्धन पूजा सहित पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। दीपोत्सव पर मंदिर परिसर हजारों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। आगामी 8 नवंबर को बाबा कुबेर भंडारी का अभिषेक-पूजन और खजाना पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति और श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां की गई हैं।
उन्होंने बताया कि दीपावली के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मिट्टी की कला और पारंपरिक दीपों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचकर दीप प्रज्ज्वलित करते हैं। इस वर्ष भी दीपोत्सव को विशेष बनाने की तैयारियां की गई हैं। कार्तिक मास में कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सदस्यों के सहयोग से श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की जा रही है। दीपावली के साथ रूप चौदस, गोवर्धन पूजा और भाई-दूज के अवसर पर भी विशेष पूजा-पाठ एवं धार्मिक गतिविधियां आयोजित होंगी।
अन्नकूट महोत्सव में 56 और 108 प्रकार के पकवानों का लगेगा भोग
मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि दीपावली पर्व के अवसर पर आगामी दिनों में भगवान का विशेष अभिषेक, श्रृंगार के अलावा अन्नकूट महोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा। अन्नकूट सनातन धर्म की महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है, जिसे गोवर्धन पूजा से भी जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को 56 अथवा 108 प्रकार के पकवानों का भोग अर्पित किया जाता है। विभिन्न व्यंजनों से आकर्षक आकृतियां बनाकर भगवान के लिए भोग सजाया जाता है, जिसे अन्नकूट कहा जाता है। कुबेरेश्वरधाम में भी इस परंपरा के अनुसार विशेष आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

