सीहोरः भूमि अधिग्रहण में देरी पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार
- जल गंगा संवर्धन अभियान में धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज, कार्य में तेजी लाने के निर्देश
सीहोर, 21 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई टीएल बैठक में उन्होंने सभी विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और समय सीमा के भीतर सभी प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान नेशनल हाईवे एवं रेलवे परियोजनाओं के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण कार्य में हो रही देरी को लेकर कलेक्टर के. ने सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लापरवाही पर जमकर फटकार लगाई और निर्देश दिए कि इस कार्य को शीघ्र पूरा किया जाये। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं में देरी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष रहे प्रकरणों में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा प्रभावित किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि कार्य में अनावश्यक विलंब जारी रहा तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वरिष्ठ कार्यालयों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बालागुरू के. ने शासन की मंशा के अनुरूप ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में सभी कार्यालयों को पेपरलेस बनाया जाना है, इसलिए सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी ई-ऑफिस प्रणाली पर कार्य करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए डिजिटल प्रणाली को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जिला सूचना अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि सभी विभागों में इसका सुचारू उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर ई-ऑफिस के उपयोग की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्य प्रभावित न हो।
बैठक में कलेक्टर ने विभागवार एवं जनपदवार जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान को गति देने तथा अधिक से अधिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों को समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि प्रगति का सही आकलन किया जा सके। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर बालागुरू के. ने गेहूं, चना एवं मसूर उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी के बाद किसानों को समय पर भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने उपार्जन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही कलेक्टर ने जिले में खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि उर्वरक का वितरण ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
कलेक्टर ने ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए जिले में पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े और सभी क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति बनी रहे। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जहां आवश्यकता हो, वहां नलकूप/बोर अधिग्रहित कर पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

