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मप्र के सागर में फर्जी फर्मों के नाम पर 5.50 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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मप्र के सागर में फर्जी फर्मों के नाम पर 5.50 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार


सागर, 14 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में पुलिस ने शुक्रवार को साइबर अपराध और ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बेरोजगार और आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत करवाता था और फिर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाकर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम देता था।

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं। प्राथमिक जांच में अब तक 16 से अधिक फर्जी फर्मों और 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा तब हुआ जब मकरोनिया निवासी रोहित पटेल ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बिना उसकी जानकारी के 'ग्लैमर इंटरप्राइजेस' नाम की फर्जी फर्म बनाई गई और फेडरल बैंक (मकरोनिया शाखा) में करंट अकाउंट खोल दिया गया। जब पुलिस ने खाते का विश्लेषण किया तो पता चला कि बीते छह महीनों के भीतर इस खाते से लगभग 90 लाख रुपये का लेन-देन किया गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों धर्मेंद्र नाहर (निवासी छतरपुर/सागर) और सोनू दांगी (निवासी सागर) को गिरफ्तार किया। सख्ती से की गई पूछताछ में मुख्य आरोपी धर्मेंद्र नाहर ने खुलासा किया कि उसने यह काम भोपाल निवासी अमित विश्वकर्मा से मुंबई में सीखा था। अमित ने उसे बताया था कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से आने वाले पैसों को ठिकाने लगाने और सर्कुलेट करने के लिए म्यूल बैंक खातों की जरूरत होती है। इसके बाद इन लोगों ने सागर और भोपाल के साथियों के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

पुलिस को जांच के दौरान 16 से ज्यादा संदिग्ध फर्मों के नाम मिले हैं, जिनमें ग्लैमर इंटरप्राइजेस, भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस, सूर्या इंटरप्राइजेस, समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स, लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर, कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स, सागर ट्रेडर्स, अनुभव ट्रेडर्स, राजपूत इंटरप्राइजेस शामिल हैं।

मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर ली है, वहीं तीन अन्य नामजद आरोपी अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरी और स्वर्णेन्द्र पांडे (सभी निवासी भोपाल) की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस बैंक अधिकारियों और फर्म रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर