home page

मप्र: बालाघाट में करोड़ों के चावल घोटाला मामले में राइस मिलर्स संचालक और पार्टनर गिरफ्तार

 | 
मप्र: बालाघाट में करोड़ों के चावल घोटाला मामले में राइस मिलर्स संचालक और पार्टनर गिरफ्तार


बालाघाट, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एथेनॉल प्लांट के नाम पर एफसीआई गोदाम से निकाला गया करोड़ों का सरकारी फोर्टिफाइड चावल अपनी राइस मिलों में खपाने वाले दो बड़े व्यापारियों राजेश उर्फ राजू संचेती और विनोद शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधिक्षक आदित्य मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि बीते एक साल के दौरान एवीजे एथेनॉल प्लांट के नाम से निकला 5,459 मीट्रिक टन सरकारी चावल इन्हीं मिलर्स के पास पहुंचा था। मामले की जांच में सामने आया है कि संचेती राइस मिल में राजेश संचेती पैसों का लेन-देन और गाड़ियों की आवाजाही संभालता था। वहीं विनोद शर्मा 'हर्ष राइस मिल' में 20 प्रतिशत का पार्टनर है।

उन्होंने बताया कि यह मिल पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के रिश्तेदारों की साझेदारी में चलती है, जिसके अन्य साझेदारों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा, सिवनी के नंदगोपाल राइस इंडस्ट्रीज के मालिक सोनू जैन को भी 3 जून को चावल से भरे दो ट्रकों के पकड़े जाने के बाद आरोपी बनाया गया। पुलिस ने राजेश संचेती और विनोद शर्मा को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के लिए दोनों आरोपितों की पांच दिनों की रिमांड ली गई है।

पुलिस के मुताबिक, पिछले एक साल में गरीबों के राशन का 16 हजार मीट्रिक टन से भी ज्यादा (कीमत ₹12 करोड़ से अधिक) फोर्टिफाइड चावल एथेनॉल प्लांट भेजने के बजाय दलालों के जरिए इन राइस मिलर्स को बेच दिया गया। राइस मिलर्स इसी सरकारी चावल की मिलिंग और पॉलिश करके इसे वापस सरकार को ही बेच देते थे और मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल हुए 22 ट्रकों को भी जब्त कर लिया है।

शुक्रवार को हुई इन दो गिरफ्तारियों के बाद मामले में कुल आरोपियों की संख्या 12 हो गई है। पकड़े गए आरोपियों में ट्रक ड्राइवर, प्लांट प्रतिनिधि, सुपरवाइजर, ट्रांसपोर्टर और कई राइस मिलर्स (जैसे दुर्गेश शेंडे, राहुल प्रताप, राकेश श्रीवास्तव, उबेद खान, बिहारी पटले, अजीत बिसेन, सुरेंद्र राणा, किशनलाल और जुगल खंडेलवाल) शामिल हैं।

हालांकि, एवीजे एथेनॉल प्लांट के मालिक अक्षत सिंघल और अभिनव सिंघल (पिता-पुत्र) समेत संचेती राइस मिल के मुख्य संचालक अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एसआईटी की टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर