मप्र में बारिश का कहर: नर्मदापुरम-खंडवा हाईवे बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा, ओंकारेश्वर में नाव संचालन पर रोक
भाेपाल, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। हरदा में नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है, जबकि खंडवा, सीहोर, आष्टा और उज्जैन समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
हरदा जिले में लगातार बारिश के चलते ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रही है। इसके कारण नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी टूट गया है। वहीं खंडवा जिले में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में बाढ़ आ गई। उफनते नाले से खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने लोगों को नाले और पुलों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा में नाव संचालन और स्नान पर रोक
लगातार बारिश के कारण ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नाव संचालन और श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक लगा दी है। घाटों पर गंदगी और फिसलन बढ़ गई है तथा कई दुकानों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं।
आष्टा-सीहोर में घरों और खेतों में घुसा पानी
आष्टा क्षेत्र में पार्वती, पपनास और नेवज नदियां उफान पर हैं। खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली सहित कई गांवों के घरों में पानी घुस गया है। खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और बड़घाटी-रामापुरा क्षेत्र में सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंचा है। ढाकनी-मुगली, हरजखेड़ा-निपानिया, अमलाहा-गोलूखेड़ी और अन्य मार्गों पर पुलों के ऊपर पानी बहने से आवागमन रोक दिया गया है। प्रशासन ने पुलों के दोनों ओर पुलिस बल तैनात किया है।
उज्जैन में सहायक सचिव का शव 36 घंटे बाद मिला
उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेज बहाव में बाइक सहित बह गए ग्राम पंचायत सहायक सचिव सूर्यप्रकाश सिंह सोनगिरा (35) का शव शनिवार सुबह चंबल नदी से घटनास्थल से करीब साढ़े चार किलोमीटर दूर बरामद किया गया। होमगार्ड, एसडीआरएफ और ग्रामीणों ने करीब 36 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। वे अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और आठ माह का बेटा छोड़ गए हैं।
इंदौर में अब तक 12 इंच बारिश
इंदौर में शुक्रवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश जारी है। इस मानसून सीजन में अब तक करीब 12 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना बना हुआ है। पांढुर्णा में नदी किनारे बने पांच कच्चे मकान ढह गए, जबकि तीन बकरियां और घरेलू सामान बह गया। खरगोन, बालाघाट, ग्वालियर, रतलाम, जबलपुर, सागर, मंडला, बैतूल, रायसेन, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में भी तेज बारिश से जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि उफनती नदियों, पुलों और पुलियाओं को पार करने का प्रयास न करें। केवल सुरक्षित और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। कई जिलों में राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

