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नियोजित विकास के लिए समेकित कार्य योजना बनाएं : पवैया

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नियोजित विकास के लिए समेकित कार्य योजना बनाएं : पवैया


- राज्य वित्त आयोग ने जनप्रतिनिधियों से लिए स्थानीय निकायों के विकास एवं वित्तीय मजबूती संबंधी सुझाव

ग्वालियर, 20 मई (हि.स.)। स्थानीय निकायों के नियोजित एवं सर्वांगीण विकास के लिए समेकित कार्य योजना जरूरी है। ग्वालियर निवासी होने के नाते हम सभी का दायित्व है कि संबंधित विभाग, विकास प्राधिकरण और जनप्रतिनिधिगण आपसी समन्वय बनाकर ग्वालियर के समवेत विकास की योजना तैयार करें।

यह बात मप्र राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को ग्वालियर के व्हीआईपी सर्किट हाउस, मुरार में आयोजित बैठक में कही। बैठक में राज्य वित्त आयोग द्वारा ग्वालियर जिले की पंचायतों, ग्वालियर नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकायों के विकास से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।

बैठक में महापौर शोभा सिकरवार, विधायक सतीश सिंह सिकरवार व सुरेश राजे, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन सिंह भदौरिया, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक सिंह जादौन, साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा एवं नगर निगम सभापति मनोज तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य के के सिंह व सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार भी मौजूद थे।

राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने कहा कि स्थानीय निकायों में वित्तीय संसाधनों के सदुपयोग एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता के लिए मजबूत व पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। उन्होंने निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही ग्वालियर शहर और उसके आसपास पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए आसान पहुंच वाले पर्यटन स्थलों का चयन करने की आवश्यकता बताई।

पवैया ने सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने पर भी बल दिया। नगर निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शहर के आसपास के गांवों में सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां विकसित करने का सुझाव भी उन्होंने दिया। बैठक में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति, पारदर्शिता, विकास कार्यों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जनप्रतिनिधियों ने दिए अहम सुझाव

बैठक में मौजूद वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगणों ने ग्वालियर में रिंग रोड एवं रोपवे निर्माण में तेजी लाने, घर में पार्किंग होने के बावजूद सड़कों पर वाहन खड़े करने वालों से शुल्क वसूलने, शहर की साफ-सफाई के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति करने तथा पॉलीथिन के उपयोग को हतोत्साहित करने जैसे सुझाव दिए। इसके अलावा समाप्त किए जा चुके करों की भरपाई शासन से निकायों को किए जाने की मांग भी रखी ।

संभागीय आयुक्त व कलेक्टर ने किया आत्मीय स्वागत

उल्लेखनीय है कि नवगठित छठवां राज्य वित्त आयोग जयभान सिंह पवैया की अध्यक्षता में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के दौरे पर है। इसी क्रम में यह बैठक आयोजित की गई। पवैया के सर्किट हाउस आगमन पर संभागीय आयुक्त मनोज खत्री एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुष्प गुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।

स्थानीय निकाय एवं ग्रामीण संस्थायें आत्म निर्भर बने ऐसे प्रयास होः पवैया

राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को ग्वालियर संभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि नगरीय निकाय और पंचायतें आत्म निर्भर बनें इसके लिये सार्थक प्रयास किये जाना चाहिये। केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा विकास के लिये दी जाने वाली धनराशि का शत प्रतिशत सदुपयोग हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।

संभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में पवैया ने कहा कि राज्यकोष से मिलने वाला धन जनता का धन है इसका उपयोग गुणवत्ता के साथ जनहित में लिया जाना चाहिये। उन्होने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष प्रयास किये जाना चाहिये। उन्होंने सौलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सौलर प्लांट स्थापित की आवश्यकता बताई। सौलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सौलर प्लांट स्थापित पाने के लिये उपयुक्त स्थान निश्चित करने पर ही बल दिया।

पवैया ने कहा कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक गतविधियां आयोजित की जाना चाहिये। बैठक में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति, पारदर्शिता, विकास कार्यो की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आयोग के सदस्य के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने आयोग की मंशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बैठक में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री सहित संभाग के सभी कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही नगरीय एवं ग्रामीण संभागों को आत्म निर्भर बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर