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मप्रः पुलिस ने नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश

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मप्रः पुलिस ने नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश


- 48 घंटे में मास्टरमाइंड सहित 8 आरोपी गिरफ्तार, 1.35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

भोपाल, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार एवं खंडवा जिलों में नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती की सनसनीखेज घटना का संयुक्त पुलिस टीमों ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों से पुलिस ने घटना में लूटे गए सोने के आभूषण, नगदी तथा वारदात में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग एक करोड़ 35 लाख 57 हजार रुपये कीमत की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जानकारी दी गई कि गत 13 मार्च को फरियादी ने धार जिले के थाना बाग में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9:30 बजे कुछ अज्ञात बदमाश नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उसके घर पहुंचे, उसे बंधक बनाकर घर में फर्जी रेड डालते हुए सोने के आभूषण और नगदी लूटकर फरार हो गए। इस संबंध में थाना बाग में बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

टीम द्वारा जांच के दौरान सामने आया कि इसी तरह की एक वारदात 12 मार्च को ग्राम पामाखेड़ी थाना नर्मदानगर जिला खंडवा में भी की गई थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग, उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और उप महानिरीक्षक खरगौन सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन में खंडवा पुलिस से समन्वय स्थापित कर घटना में प्रयुक्त वाहन के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए तथा धार और खंडवा की संयुक्त टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले सुनियोजित तरीके से मकानों की रेकी कर मकान की लोकेशन, परिवार की स्थिति, घर में वाहन एवं संपत्ति होने की संभावना सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से स्वयं को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घरों में प्रवेश कर डरा-धमकाकर डकैती की वारदात को अंजाम देता था। जांच में यह भी सामने आया कि 12 मार्च को खंडवा जिले में हुई घटना तथा 13 मार्च को हुई दूसरी घटना में समान तरीके से ब्लैक स्कॉर्पियो वाहन का उपयोग किया गया था।

पुलिस को इस वाहन की सूचना पूर्व में ही प्राप्त हो गई थी, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्थापित हुआ। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आसपास के थाना क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में नाकाबंदी और घेराबंदी की। पुलिस की सक्रियता की जानकारी मिलने पर आरोपी डकैती का सामान लेकर भागते समय काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को सुनसान जंगल में छोड़कर अन्य वाहन से फरार हो गए। पुलिस को स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों से वाहन का मालिक शहजाद पुत्र रोशन खान निवासी बैरछा होना पाया गया, जो इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। गाड़ी में पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई।

इसके बाद संयुक्त पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। इसमें से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट की गई संपत्ति बरामद की। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर उन्होंने खंडवा जिले की घटना को कारित करना भी स्वीकार किया। पूछताछ में गिरोह के मुख्य सदस्यों के रूप में संजय शर्मा, नसीर, रणजीत एवं शहजाद के नाम सामने आए हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि धार की घटना में कुल 14 तथा खंडवा की घटना में 16 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 10 आरोपी दोनों घटनाओं में समान रूप से शामिल थे, जबकि कुछ आरोपी स्थानीय स्तर पर वाहन एवं अन्य सहयोग उपलब्ध कराने वाले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में आबिद पुत्र मुबारिक शाह, अय्यूब शाह पुत्र निजामुद्दीन शाह, दिनेश पुत्र रुखड़िया, दिलीप पुत्र रामचंद्र अहिरवार, शहजाद पुत्र रोशन खान, रमेश पुत्र गजरिया मोरी, राजा उर्फ अब्दुल गफ्फार पुत्र अब्दुल हमीद खान तथा नरसिंह पुत्र भलिया बघेल शामिल हैं। आरोपियों ने अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर उक्त घटना एवं खंडवा जिले में उक्त वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से प्रदेश के अन्य जिलों में इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर