श्रम प्रहरी बनकर श्रमिक सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण में निभाएं भागीदारी : मंत्री पटेल
- श्रम विभाग के पोर्टल और टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 पर दे सूचना
भोपाल, 09 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बुधवार को कहा कि 'श्रम प्रहरी' एक महत्वपूर्ण सामाजिक उत्तरदायित्व है। अक्सर अपंजीकृत इकाइयों में श्रम नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण श्रमिकों के शोषण अथवा दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में यदि जागरूक नागरिक अपने आसपास संचालित ऐसी अनधिकृत गतिविधियों की जानकारी शासन तक पहुँचाते हैं, तो इससे श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा और कार्यस्थलों को श्रमिकों के लिए सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मंत्री पटेल ने प्रदेश के नागरिकों से 'श्रम प्रहरी' के रूप में आगे आकर श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में बिना पंजीयन के संचालित हो रहे कारखानों, व्यावसायिक संस्थानों और निर्माण कार्यों की पहचान कर श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों तथा कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना है।
नागरिक अपने क्षेत्र में संचालित किसी भी अपंजीकृत संस्थान या निर्माण कार्य की सूचना श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल https://factory.mponline.gov.in/Portal/Services/FactoryReg/Unregistered Factory/ReportUnregisteredFactory.aspx पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभाग के टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 पर भी सीधे कॉल करके जानकारी दी जा सकती है। मंत्री श्री पटेल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे सजग नागरिक के रूप में 'श्रम प्रहरी' की भूमिका निभाएं और श्रमबल के कल्याण में अपना योगदान दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

