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मप्रः राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला बुधवार को भोपाल में

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मप्रः राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला बुधवार को भोपाल में


- आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने पर होगा मंथन

भोपाल, 13 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार, 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने पर मंथन होगा।

जनसम्पर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र एवं मेधावी विद्यार्थी जानकारी के अभाव, आवेदन में त्रुटियों या सत्यापन में देरी के कारण छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहें।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में अधिकारियों एवं शिक्षकों को योजना की पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीयन तथा संस्थान एवं जिला स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही, विद्यालयों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि छात्रवृत्ति का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पारदर्शी तरीके से समय पर पहुंच सके।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 8 के बाद उन्हें माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 से 12 तक निर्धारित पात्रता एवं नवीनीकरण संबंधी शर्तें पूरी करने पर हर साल 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस प्रकार पात्र विद्यार्थी अधिकतम चार वर्षों में कुल 48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है।

पात्रता और चयन के प्रमुख नियम

योजना अंतर्गत ऐसे विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त होता है जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं हो और कक्षा 7 में विद्यार्थी ने न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को प्राप्तांक में पाँच प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। योजना अंतर्गत विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से मानसिक योग्यता एवं शैक्षिक अभिरुचि परीक्षण के आधार पर होता है। योजना का लाभ लेने के लिए शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के स्कूलों के विद्यार्थी पात्र हैं।

महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे विभिन्न सत्र

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विद्यार्थियों की पात्रता, चयन प्रक्रिया, पंजीयन, छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन, आवेदनों का सत्यापन तथा निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन सत्रों के माध्यम से जिलों से आए प्रतिभागियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ समय पर पहुंचाने के संबंध में उपयोगी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का मिलेगा मार्गदर्शन

कार्यशाला में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार की आर्थिक सलाहकार ए. श्रीजा (आई.ई.एस.), संचालक श्रीकला पी. वेणुगोपाल सहित योजना से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और योजना से संबंधित सभी जिलों के नोडल अधिकारियों की भी सहभागिता रहेगी। कार्यशाला में योजना का लाभ लेकर अपने भविष्य को नई दिशा देने वाले विद्यार्थियों को भी अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे अन्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों को योजना के महत्व, उपयोगिता और इसके व्यावहारिक लाभों को समझने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर