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मप्रः पातालकोट के पहाड़ों में पहुंचे राष्ट्रीय स्तर के ट्रेकर्स, पारंपरिक जीवनशैली और इतिहास को जाना

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मप्रः पातालकोट के पहाड़ों में पहुंचे राष्ट्रीय स्तर के ट्रेकर्स, पारंपरिक जीवनशैली और इतिहास को जाना


- चार दिवसीय ट्रेकिंग में 23 वर्षीय युवा से लेकर 76 वर्षीय बुजुर्ग तक हुए शामिल

छिंदवाडा, 17 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स के संयुक्त तत्वावधान में छिंदवाड़ा के पातालकोट में राष्ट्रीय स्तर का ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में इसमें देश के विभिन्न महानगरों से आए 20 ट्रेकर्स भाग ले रहे हैं। ट्रेकिंग में 23 वर्षीय युवा से लेकर 76 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने शनिवार को बताया कि लगभग 25 किलोमीटर लंबे इस ट्रेकिंग कार्यक्रम के दौरान ट्रेकर्स पातालकोट की गहराई में दूधी नदी के किनारे राजाखोह में रेत, पत्थरों, पहाड़ों और जंगलों के बीच रहकर प्रकृति के करीब आने का शानदार अनुभव ले रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से पातालकोट के युवाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। शनिवार को ट्रेकर्स का चिमटीपुर में भावभीना स्वागत किया गया।

छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने बताया कि जिले में पर्यटन विकास के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए विकल्प तलाशने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स की पहल पर यह ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें पुणे, गुरुग्राम, चेन्नई, नागपुर, बेंगलुरु, अहमदाबाद सहित अन्य स्थानों से आए 20 ट्रेकर्स सहभागिता कर रहे हैं। सभी ट्रेकर्स स्थानीय गाइड के साथ ट्रेकिंग कर रहे हैं।

ट्रेकर्स ने लिया प्रकृति के करीब आने का सुखद अनुभव

देशभर से आए ट्रेकर्स के लिए यह ट्रेकिंग कार्यक्रम प्रकृति के करीब आने का अनूठा अवसर बन रहा है। ट्रेकर्स ने बताया कि पातालकोट अंचल के हरे-भरे जंगल, कोहरे से ढकी पहाड़ों की चोटियां और शांत वादियां मन को सुकून देती हैं। पातालकोट जैसे पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेकिंग करने से यहां के रीति-रिवाजों, पारंपरिक जीवनशैली, संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। यह अनुभव न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देता है।

प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प

प्रकृति संरक्षण के महत्व को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स ने इस ट्रेकिंग कार्यक्रम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल की है। सभी ट्रेकर्स ने इस प्रयास की सराहना की। ट्रेकिंग के दौरान प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाने, पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाने और जैव विविधता को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी ट्रेकर्स ने पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जा रहा है और ट्रेकर्स अपने साथियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

जनवरी माह के अंत तक जारी रहेंगे ट्रेकिंग कार्यक्रम-

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स के संयुक्त तत्वावधान में ट्रेकिंग कार्यक्रम पूरे सीजन आयोजित किए जाएंगे। अक्टूबर माह से शुरू हुए इस कार्यक्रम के प्रत्येक बैच में 20-20 ट्रेकर्स शामिल हो रहे हैं। अगला बैच 20 अक्टूबर से शुरू होगा। अलग-अलग समूहों की यह ट्रेकिंग जनवरी माह के अंत तक जारी रहेगी, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रेकर्स सहभागिता करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर