मप्र के नर्मदापुरम में बिजली कटौती पर भड़का गुस्सा, ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया, ढाई घंटे ठप रहा यातायात
नर्मदापुरम, 18 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के रानी पिपरिया गांव में दो दिनों से बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बुधवार को सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे घरों से निकलकर नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर बैठ गए, जिससे करीब ढाई घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार, गांव पर बिजली बिल का बड़ा बकाया था। लंबे समय से भुगतान नहीं होने पर बिजली कंपनी ने पूरे फीडर की सप्लाई बंद कर दी। नतीजतन, पिछले दो दिनों से गांव अंधेरे में डूबा रहा, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का रास्ता अपनाया और हाईवे जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुष्पराज पटेल भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए, जिससे आंदोलन को और समर्थन मिला।
रोजमर्रा की जिंदगी ठप, बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के बिजली काट दी गई। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और घरेलू कामकाज प्रभावित हो गए। किसानों को भी सिंचाई और अन्य कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने चेतावनी दी कि बिजली बहाल नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। संजू चौहान और रामकिशोर झरबड़े ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में बात नहीं बनी। बाद में बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद समाधान निकला। ग्रामीणों ने 8 दिनों के भीतर बकाया बिल की 10% राशि जमा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रशासन ने बिजली बहाल करने की सहमति दी और चक्काजाम समाप्त कराया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

