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नर्मदापुरमः मॉब लिंचिंग में युवक की मौत के मामले में 14 लोगों को आजीवन कारावास

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नर्मदापुरमः मॉब लिंचिंग में युवक की मौत के मामले में 14 लोगों को आजीवन कारावास


नर्मदापुरम, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनीमालवा स्थित अपर सत्र न्यायालय ने गो तस्करी से जुड़े चर्चित मॉब लिंचिंग केस में शुक्रवार को 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

करीब चार साल पुराने इस मामले में महाराष्ट्र के अमरावती निवासी नाजिर अहमद की भीड़ की पिटाई के बाद मौत हो गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में पहुंचे दोषियों के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया।

जब पुलिस दोषियों को जेल ले जाने लगी तो कुछ परिजन पुलिस वाहन के सामने लेट गए। वाहन रोकने की कोशिश में पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात संभाले और सभी दोषियों को जेल रवाना किया।

फैसले के बाद परिजनों ने कहा कि उनके बच्चे गौसेवा के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे थे। उनका दावा है कि उन्हें गलत तरीके से कठोर सजा दी गई है। फैसले को देखते हुए न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

घटनाक्रम के अनुसार, 03 अगस्त 2022 की रात महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। ट्रक में करीब 30 मवेशी भरे थे। आरोप है कि ग्रामीणों और गो-रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार तीन लोगों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हमले में घायल ट्रक ड्राइवर शेख लाला ने बताया था कि 50-60 लोग सड़क पर खड़े थे। उन्होंने ट्रक रुकवाया और बिना कोई पूछताछ किए मारपीट शुरू कर दी। भीड़ तब तक पीटती रही जब तक वे लहूलुहान नहीं हो गए। बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाजिर अहमद की मौत हो गई थी।

घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भीड़ लाठी-डंडों से हमला करती और मारो-मारो चिल्लाती दिखी थी। कुछ लोगों ने बीच-बचाव भी किया था, जिससे अन्य दो लोगों की जान बच सकी। मामले में पुलिस ने 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाया गया। अदालत ने सभी 14 आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।

जिन आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है, उनमें दीपक उर्फ बाबा केवट (38), अजय राठौर (36), प्रकाश कौशल (33), पवन बाथम (32), अमर बाथम (38), कन्हैया बाथम (32), बल्लू रघुवंशी (24), राजेन्द्र कौशल (39), आकाश बाथम (31), गौरव यादव (24), आकाश सराठे (33), चेतन मराठा (23), देवेन्द्र कोरी (22) और संदीप कौशल (26) सभी निवासी सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर