मप्र में भारी बारिश से नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर, कई जिलों में बाढ़ के हालात
- 7 जिलों में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश
भोपाल, 04 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश की चेतावनी के बीच शनिवार, 05 सितंबर को 7 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलों के कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भारी बारिश की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारियां करने तथा आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर अमले को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी, विशेष रूप से उत्तरी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित समस्या की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जनहित और आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक और एहतियाती कदम अविलंब उठाए जाएं।
इधर, शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश के बाद मंदाकिनी और नर्मदा नदी उफान पर हैं, जबकि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। राजघाट बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं और भोपाल में भदभदा डैम से पानी छोड़ा गया है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि श्योपुर और शिवपुरी में दो युवक तेज बहाव में बह गए हैं।
भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 5 सितंबर को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड और ग्वालियर में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। कहीं नर्सरी से 8वीं तक तो कहीं नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अवकाश दिया गया है। कई जिलों में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है।
भदभदा डैम से भी पानी छोड़ा
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को सुबह से देर शाम भारी बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश के बाद बड़ा तालाब पूरी तरह भर गया। जलस्तर बढ़ने पर भदभदा डैम का एक गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने लोगों को डैम और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। शाम करीब 6 बजे महापौर मालती राय ने पूजा-अर्चना के बाद भदभदा बांध का गेट नंबर-6 खोला। गेट खोलने के दौरान एमआईसी सदस्य रवींद्र यति और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन समेत नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं शिवपुरी में पहली बार मड़ीखेड़ा डैम के चार गेट खोले गए हैं। मंडला में नर्मदा उफान पर है, जबकि ओंकारेश्वर में जलस्तर करीब 5 फीट घटने के बावजूद बांध की टर्बाइनों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बुंदेलखंड क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। अशोकनगर और यूपी के ललितपुर की सीमा पर स्थित राजघाट (रानी लक्ष्मीबाई) बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते रात 10 बजे बांध के 14 गेट खोले जाने का निर्णय लिया गया। इन गेटों से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है, क्योंकि पुलों और निचले इलाकों में जलभराव बढ़ सकता है।
मंदाकिनी डेंजर लेवल पर, दो युवक बहे; कई रास्ते बंद
सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी किनारे बने मकानों तक पानी पहुंच गया है और लोगों का सामान बहने की खबर है। प्रशासन और स्थानीय लोग पर्यटकों को नदी के किनारे जाने से रोक रहे हैं। तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
दो युवक नदी में बहे, सतना में एक का शव मिला
बारिश के बीच हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। श्योपुर की मोरडूंगरी नदी में नहाते समय 30 वर्षीय युवक तेज बहाव में बह गया। वहीं शिवपुरी के सिरसौद क्षेत्र में रपटा पार करते समय एक 21 वर्षीय युवक बह गया, जिसकी तलाश जारी है। सतना में उफनते रपटे में बहे दो युवकों में से एक का शव 36 घंटे बाद मिला, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
मुकुंदपुर-अमरपाटन मार्ग
बारिश से कई जिलों में संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। मैहर में मुर्जुआ नाला उफान पर आने से मुकुंदपुर-अमरपाटन मार्ग बंद हो गया है। छतरपुर में उर्मिल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार कर रहे हैं। श्योपुर में कई ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि अमराल नदी उफान पर होने के कारण कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
होमगार्ड दफ्तर डूबा, नाव से पहुंचे जवान
पन्ना में बारिश का पानी होमगार्ड दफ्तर में घुस गया है। हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों को नाव से दफ्तर पहुंचना पड़ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड, कंप्यूटर और राहत सामग्री पानी में प्रभावित हुई है। वहीं अमानगंज थाना परिसर और आसपास के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

