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नमामि गंगे अभियान को मिली गति, मां क्षिप्रा को प्रदूषणमुक्त बनाने 81 करोड़ की परियोजना मंजूर

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नमामि गंगे अभियान को मिली गति, मां क्षिप्रा को प्रदूषणमुक्त बनाने 81 करोड़ की परियोजना मंजूर


भोपाल, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में माँ क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने एवं उज्जैन शहर से निकलने वाले सीवरेज जल के वैज्ञानिक शोधन के लिये भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिली है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, भारत सरकार द्वारा परियोजना के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत उज्जैन शहर के भैरूगढ़ एवं पीलियाखाल नालों को इंटरसेप्ट एवं टेप कर उनके सीवरेज जल का उपचार किया जाएगा। इसके लिए 24.30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 81 करोड़ रुपये है, जिसमें एसटीपी के निर्माण के साथ उसके संचालन एवं संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर से निकलने वाले अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा, जिससे माँ क्षिप्रा नदी में प्रदूषित जल के प्रवाह को प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा।

आयुक्त भोंडवे ने बताया कि परियोजना के माध्यम से नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा तथा उज्जैन शहर की स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होगा। साथ ही यह पहल धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की माँ क्षिप्रा नदी के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर नागरिकों को शीघ्र लाभ प्रदान किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर