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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, तेंदुआ शिकार गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, तेंदुआ शिकार गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार


- 10 तेंदुओं के अवशेष बरामद, कूनो समेत कई वन क्षेत्रों में शिकार की पुष्टि

भोपाल, 02 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने एक संगठित अंतरराज्यीय तेंदुआ शिकार एवं वन्यजीव अंग तस्करी गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। एसटीएसएफ की कार्रवाई में सात आरोपियों को श्योपुर-मुरैना क्षेत्र में गिरफ्तार किया है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि मामले की छानबीन में जुटी एसटीएसएफ ने 23 जुलाई 2026 को आगरा में वन विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में चार कथित वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 तेंदुओं की खालें तथा दूसरे वन्यजीव अवयव बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच में इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार मध्य प्रदेश से जुड़े पाए गए। इसके बाद एसटीएसएफ ने विशेष जांच दल गठित कर आगरा तथा मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।

उन्होंने बताया कि एसटीएसएफ, कूनो वन्यजीव वनमंडल, श्योपुर वनमंडल और मुरैना वनमंडल की संयुक्त टीमों ने गत 30 जुलाई को आरोपियों की निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान तेंदुओं की बड़ी मात्रा में हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद किए गए। इस मामले में 2 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गये हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि इनमें से 6 तेंदुओं का शिकार कूनो वन्यजीव वनमंडल, दो श्योपुर वनमंडल तथा दो चंबल अभयारण्य (मुरैना वनमंडल) में किया गया था। आरोपियों से शिकार में प्रयुक्त लेग-होल्ड ट्रैप (फंदे) भी बरामद किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह संगठित तरीके से वन्यजीव अपराधों में संलिप्त था।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, एसटीएसएफ ने इकराम पुत्र मनीराम आदिवासी, लज्जाराम पुत्र विद्या उर्फ पन्नानाथ, गोपाल पुत्र कारू आदिवासी, महेश पुत्र जरदान आदिवासी, प्रकाश पुत्र होतम आदिवासी, हुब्बा पुत्र दीवान आदिवासी (सभी निवासी ग्राम झार बरोदा, तहसील विजयपुर, जिला श्योपुर) तथा गब्बर पुत्र सरूपा, निवासी ग्राम हंसई, जिला मुरैना (जिसे आगरा न्यायालय की अभिरक्षा से गिरफ्तार किया गया) को गिरफ्तार गिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को एसटीएसएफ के लिए अधिकृत विशेष न्यायालय, शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में रिमांड की कार्रवाई एवं विस्तृत विवेचना जारी है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ ) डॉ. समीता राजौरा ने बताया कि यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि श्योपुर-विजयपुर और कूनो परिक्षेत्र शिकार की कई घटनाएं में सामने आई हैं। यही क्षेत्र कुनो राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है, जहां देश की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' योजना के अंतर्गत अफ्रीकी चीतों का पुनर्वास किया गया है। पिछले चार वर्षों में कूनो वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर