मप्र में आज सभी स्कूल-कालेजों में गुरु पूर्णिमा पर मनेगा महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व
- भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना का होगा शुभारंभ; 102 छात्रों को मिलेगी एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति
भोपाल, 29 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारों और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से गुरु पूर्णिमा पर संपूर्ण प्रदेश में 'महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व' मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों में गुरु-पूजन, सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रम, छात्र-शिक्षक संवाद और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस पर्व का मुख्य आकर्षण 'भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना' का शुभारंभ होगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा आयोजित इस योजना के तहत प्रदेश भर के 102 मेधावी विद्यार्थियों (51 विद्यालयीन एवं 51 महाविद्यालयीन/विश्वविद्यालयीन) का चयन किया जाएगा। चुने गए प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाख रूपये की प्रोत्साहन छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह प्रतियोगिता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित 14 विद्याओं, 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित होगी, जिसमें विजेताओं का अंतिम चयन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल उनकी लीलाओं और पराक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि महर्षि सांदीपनि के आश्रम में प्राप्त शिक्षा, संस्कार और अनुशासन से पूर्ण हुआ था। वहीं उन्होंने 14 विद्याओं और 64 कलाओं के माध्यम से विवेक, सेवा, धैर्य, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति का पाठ सीखा। यही गुरु-शिष्य परंपरा उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बनी और उन्हें 'जगद्गुरु' के रूप में प्रतिष्ठित किया। इस छात्रवृत्ति प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को इसी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारों और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों से जोड़ना है।
तिवारी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय गुरू परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि’ का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रकाशित ‘महर्षि सान्दीपनि श्रीकृष्ण विद्यांजलि’ और जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘सर्वांग’ का भी विमोचन होगा। शिक्षण संस्थानों में युवाओं को प्रेरणा देने के उद्देश्य से महर्षि सांदीपनि के जीवनवृत्त पर केंद्रित एक विशेष ई-बुकलेट भी प्रदेश के सभी संस्थानों को उपलब्ध कराई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग के अंतर्गत ‘श्रीकृष्ण पाथेय न्यास’ का मुख्य उद्देश्य राज्य में भगवान श्रीकृष्ण की यात्राओं से जुड़े स्थलों की पहचान, संरक्षण और विकास करना है। न्यास के माध्यम से उज्जैन में 14 विद्याओं एवं 64 कलाओं की शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना, अनुसंधान पुस्तकालयों का निर्माण और युवाओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन से भावनात्मक रूप से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। श्री तिवारी ने प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों से इस सांस्कृतिक अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

