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कुबेरेश्वरधामः प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला मुरली मनोहर मंदिर, दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालु

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कुबेरेश्वरधामः प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला मुरली मनोहर मंदिर, दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालु


कुबेरेश्वरधामः प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला मुरली मनोहर मंदिर, दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालु


कुबेरेश्वरधामः प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला मुरली मनोहर मंदिर, दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालु


सीहोर, 29 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम सिद्धपीठ में स्थित काठमांडू शैली में नवनिर्मित भगवान मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-सीता और भगवान मुरली मनोहर की एक साथ प्राण प्रतिष्ठा के बाद बुधवार को भगवान का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद खुले कुबेरेश्वरधाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में शाम को प्रभु के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हजारों की संख्या में भगवान के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन को आतुर दिखाई दिए। मंदिर और भगवान के दर्शन के लिए मुंबई, दिल्ली समेत भारत के कई राज्यों से लोग धाम पर पहुंचे थे।

कुबेरेश्वरधाम में गत 25 अप्रैल से चल रहे मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा पूरे पूजन में शामिल रहे, पूजन की एक-एक प्रक्रिया का विधिवत अर्चन किया। बुधवार सुबह प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया था। स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित भगवान की मूर्ति आकर्षित करने वाली थी।

हर युग की झलक दिखाई देती मंदिर परिसर में

इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि धाम की पावन भूमि जहाँ विराज मान है सिद्ध पीठ श्री कुबरेश्वर धाम मुरली मनोहर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का सादगी और आस्था के साथ समापन किया गया है। पूरे भारत की भूमि का मात्र एक ऐसा स्थान कुबरेश्वर धाम जो बारह ज्योतिर्लिंग के मध्य है यहां आने वाले शिव भक्त कंकर शंकर की पूजन करके भगवान देव महादेव की अनुपम कृपा प्राप्त करते हैं, उसी पवित्र भूमि पर मुरली मनहोर मंदिर एक ऐसा मंदिर जहां सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग का एक साथ दर्शन इस कलियुग में केवल एक ही जगह पर होगा वो हे श्री कुबरेश्वर धाम इस बाबा कुबेर भण्डारी की पवित्र भूमि पर मुरली मनोहर मंदिर के कपाट सभी शिव भक्ति के लिए अब खुले रहेंगे।

बुधवार सुबह कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में सवा लाख से अधिक वैदिक मंत्रों में बड़ी संख्या में विप्रजनों की उपस्थिति में यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। वहीं दोपहर में शीतल पेयजल आदि निशुल्क रूप से वितरण किया गया।

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम बुधवार को प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात भारत यह अपने आप में ऐसा विशिष्ट मंदिर हैं जहां चारों युगों सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग के प्रतीक, देवता या अवतार एक साथ दर्शन देते हैं। यहां पर भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-सीता और भगवान मुरली-मनोहर की मनमोहक प्रतिमाएं यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर