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खंडवाः वनभूमि से कब्जा हटाने पहुंचे डिप्टी रेंजर की आदिवासियों को धमकी, बोले- यहीं तुम्हारी कब्र खोदूंगा

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खंडवाः वनभूमि से कब्जा हटाने पहुंचे डिप्टी रेंजर की आदिवासियों को धमकी, बोले- यहीं तुम्हारी कब्र खोदूंगा


खंडवाः वनभूमि से कब्जा हटाने पहुंचे डिप्टी रेंजर की आदिवासियों को धमकी, बोले- यहीं तुम्हारी कब्र खोदूंगा


- भड़के ग्रामीण, जमकर हुआ हंगामा

खंडवा, 19 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के मांधाता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नरलाय में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। चार पीढ़ियों से खेती कर रहे आदिवासियों ने खेत और घर उजाड़ने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान फॉरेस्ट अफसर और आदिवासी आमने-सामने आ गए। वन अफसर ने धमकी दी कि सपोर्ट करो, वरना यहीं तुम्हारी कब्र खोदूंगा। पूरे गांव वाले देखते रह जाएंगे, इसलिए जैसा कह रहे हैं, वैसा करो।

घटना शनिवार की है। इसी दौरान वन विभाग के अधिकारी द्वारा कथित रूप से धमकी दी गई। रविवार को इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। वीडियो में डिप्टी रेंजर शंकर सिंह चौहान ग्रामीणों को कब्र में गाड़ देने की धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो सफाई में उन्होंने कहा कि ग्रामीण बहस कर रहे थे, एक लड़का पत्थर भी उठा रहा था, इस दौरान मुंह से ऐसी बात निकल गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम नरलाय में करीब 23 एकड़ राजस्व भूमि वर्ष 2022 में वन विभाग को हस्तांतरित की गई थी। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन ओंकारेश्वर में विकसित हो रहे अद्वैत लोक परियोजना के बदले वन विभाग को दी गई थी। जब वन विभाग की टीम राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर कब्जा लेने पहुंची, तो वहां लंबे समय से रह रहे 15 से 20 आदिवासी परिवारों का अतिक्रमण पाया गया। वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शनिवार को कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों की मदद से लगभग 10 झोपड़ियों को हटाया गया और जमीन पर कंटूर ट्रेंच खोदने का काम भी किया गया।

दूसरी ओर, प्रभावित आदिवासी परिवारों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे पिछले चार पीढ़ियों से इस जमीन पर निवास और खेती कर रहे हैं। आदिवासी भील परिवार के भैयालाल, ओमप्रकाश, पंचम, जोगिया, अजय बारे और अरुण ने बताया कि पहले जमीन राजस्व विभाग की थी, अब वन विभाग वाले अपनी बता रहे हैं। हमारा चार पीढ़ियों से इस जमीन पर कब्जा है। 80 साल हो गए, यहीं रहते हैं और खेती करते हैं। हम लोगों ने आज तक किसी से कोई विवाद नहीं किया। न हमसे ग्रामीणों को आपत्ति है। यह जमीन बंजर थी, एक पौधा भी नहीं लगा हुआ था। हमने इसे खेत बनाकर सिंचित किया था। अब वन विभाग, राजस्व अधिकारी और पुलिस वाले आ गए। महज 4 घंटे में हमारी बस्ती को उजाड़ दिया।

कार्रवाई का खंडवा वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह चौहान का आदिवासियों को धमकी देते हुए वीडियो वायरल हो गया। हालांकि, रविवार को उन्होंने अपनी धमकी को लेकर सफाई दी है। रेंजर शंकर सिंह चौहान ने कहा कि वहां दो लड़के उत्पात मचा रहे थे। स्टाफ को गालियां दीं और महिला अफसर के सामने अश्लील बातें कीं। हमने समझाया कि जमीन पर अतिक्रमण है, इसलिए हटाया जा रहा है और सपोर्ट करो। इसी दौरान एक लड़का पत्थर लेकर दौड़ा। आवेश में ऐसी बातें निकल गईं।

उन्होंने बताया कि यह जमीन ओंकारेश्वर के ओंकार पर्वत पर बन रहे अद्वैत लोक के बदले 2022 में वन विभाग को मिली थी। जहां आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा और अद्वैत लोक बन रहा है, वह संरक्षित वन भूमि थी। इसके बदले शासन ने ग्राम नरलाय की 9.36 हेक्टेयर (करीब 23 एकड़) राजस्व जमीन दी। इसका आवंटन सामान्य वनमंडल को किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर