जबलपुरः 3.53 करोड़ की धान की हेराफेरी के मामले में एफआईआर दर्ज
- बोरियों में भरी गई थी 40 की जगह 35 किलो धान, खरीदी केंद्र प्रभारी व कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज
जबलपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर वृहताकार सहकारी संस्था मझौली द्वारा संचालित खरीदी केंद्र में तीन करोड़ 53 लाख 79 हजार 830 रुपये कीमत की धान के उपार्जन में की गई हेराफेरी के मामले में मंगलवार को खाद्य विभाग द्वारा मझौली थाने में खरीदी केंद्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर आपरेटर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक राजभेर साकेत ने जानकारी देते हुए वृहताकार सहाकारी संस्था मझौली द्वारा संचालित श्रीजी वेयर हाउस (136) पिपरिया में संचालित धान उपार्जन केन्द्र में खरीदी केन्द्र प्रभारी रत्नेश भट्ट और कम्प्यूटर ऑपरेटर अमन सेन द्वारा अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से बिना भराई, तुलाई, सिलाई एवं बिना रेडी टू ट्रांसपोर्ट किये 14 हजार 934.50 क्विंटल धान की आवक और उपलब्धता के बगैर ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाईन फर्जी तरीके से अवैध प्रविष्टि कर ली गई थी।
इस अनियमित्ता की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर इसकी जांच संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के नेतृत्व में प्रभारी उपायुक्त सहकारिता प्रशांत कौरव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहाकारी केन्द्रीय बैंक चंद्रशेखर पटले एवं तहसीलदार दिलीप हनवत के संयुक्त दल द्वारा की गई थी। जांच के दौरान खरीदी केन्द्र में ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार कुल 65 हजार 235.54 क्विंटल धान की खरीदी करना पाया गया।
संयुक्त दल द्वारा खरीदी स्थल पर 13 जनवरी को की गई जांच में धान से भरी हुई 31 बोरियों की तौल कराने पर बारदाना सहित 22 किलो से 38 किलो वजन पाया गया। इन बोरियों का औसत वजन 33.42 किलो था, इसी प्रकार 14 जनवरी को पुन: की गई जांच में धान से भरी 45 बोरियों की तौल कराने पर उनका औसत वजन 35 किलो पाया गया। जबकि नियमानुसार बारदाना सहित धान से भरी प्रत्येक बोरी का वजन 40 किलो 580 ग्राम होना चाहिए था। इस प्रकार जहां 65,235.54 क्विंटल धान का भंडारण पाया जाना था वहां 45,658.64 क्विंटल धान भंडारित पाई गई। इसमें 19,576.9 क्विंटल ऑनलाइन शेष परिदान मात्रा पाई गई थी, जिसका केन्द्र परिसर में उपलब्ध 13 हजार 264 बोरियो का औसत वजन 35 किलोग्राम से भौतिक सत्यापन करने पर 14 हजार 934.50 क्विंटल धान कम पाई गई। इसकी कीमत 3 करोड़ 53 लाख 79 हजार 830 रूपये आंकी गई है।
जांच के दौरान मौके पर धान से भरी बोरियों में किसान कोड एवं स्टेकसिल भी नहीं पाई गई थी तथा बारदाना की 87 गठान और लगभग 5 हजार खुले बारदाने तथा कुल मिलाकर 48 हजार 500 बारदाने पाये गये थे।
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि खरीदी केन्द्र प्रभारी रत्नेश भट्ट एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर अमन सेन को धान उपार्जन में हेराफेरी का संयुक्त रूप से उत्तरदायी माना गया है तथा उपार्जन नीति के क्रियान्वयन हेतु निर्धारित मानक प्रक्रिया के उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर दोनों पर मझौली थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की 316(2), 318(4) एवं 3(5) धारा के अंतर्गत कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मझौली ब्रिजेश कुमार जाटव द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों से धान के उपार्जन में की गई हेराफेरी की राशि 3 करोड़ 53 लाख 79 हजार 830 हजार रुपये की भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूली की जायेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

