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जबलपुरः बड़ी खेरमाई मंदिर के नवरात्रि मेले में दुकानों की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद, पोस्टर बांटकर की दुकानदारों से अपील

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जबलपुरः बड़ी खेरमाई मंदिर के नवरात्रि मेले में दुकानों की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद, पोस्टर बांटकर की दुकानदारों से अपील


जबलपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में भानतलैया स्थित प्राचीन बड़ी खेरमाई मंदिर परिसर में आयोजित नवरात्रि मेले में दुकानदारों की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को विश्व हिंदू महासंघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मेले में दुकानदारों को ‘यह सनातनी हिंदू की दुकान है’ लिखे पोस्टर वितरित किए हैं। भगवान वराह की तस्वीर वाले इन पोस्टरों के जरिए संगठन ने श्रद्धालुओं से हिंदू दुकानदारों से ही खरीदारी करने की अपील की है।

विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास कुमार खरे ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दुकानदारों की धार्मिक पहचान से अवगत कराना है। संगठन ने आरोप लगाया कि मेले में कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर कारोबार कर रहे हैं। संगठन ने ऐसी गतिविधियों को लेकर आशंका जताते हुए भविष्य में मंदिर परिसर में दुकानों का आवंटन करते समय दुकानदारों की धार्मिक पहचान पर विशेष ध्यान देने की मांग की है।

मामले में हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने बताया कि नर्मदा मैदान का क्षेत्र नगर निगम के अंतर्गत आता है। घटनाक्रम की जानकारी एसडीएम और नगर निगम के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दे दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जबलपुर के भानतलैया स्थित बड़ी खेरमाई मंदिर को क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर का इतिहास लगभग 800 वर्ष पुराना बताया जाता है और इसका संबंध कल्चुरी काल से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि गोंड राजा मदनशाह और संग्रामशाह के समय से ही इस स्थान पर माता के प्रति लोगों की गहरी आस्था रही है।

हाल ही में मंदिर का जीर्णोद्धार सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर किया गया है। निर्माण में पत्थरों को विशेष लॉकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है, जिसमें लोहे का इस्तेमाल नहीं किया गया। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले में दुकानदारों की धार्मिक पहचान को लेकर शुरू हुई यह मुहिम अब चर्चा का विषय बन गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक