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इंदौरः मंत्री सिलावट पहुंचे छावनी, सपरिवार की स्वदेशी उत्पादों की खरीदी

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इंदौरः मंत्री सिलावट पहुंचे छावनी, सपरिवार की स्वदेशी उत्पादों की खरीदी


इंदौरः मंत्री सिलावट पहुंचे छावनी, सपरिवार की स्वदेशी उत्पादों की खरीदी


इंदौर, 07 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट शनिवार देर शाम सपरिवार इंदौर में छावनी पहुंचे। यहां उन्होंने दीपावली पर्व के अवसर पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और ‘लोकल फॉर वोकल’की भावना को प्रोत्साहित करते हुए स्थानीय उत्पादकों एवं व्यापारियों से दीपावली पूजन सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदी की।

मंत्री सिलावट ने स्थानीय उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों एवं उत्पादकों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीदी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है तथा छोटे व्यापारियों और कारीगरों को आर्थिक संबल मिलता है।

पानोड़ में 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले संत श्री रविदास भवन का किया भूमिपूजन

इससे पहले जल संसाधन मंत्री सिलावट ने इंदौर जिले के ग्राम पंचायत पानोड़ में विकास कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों को 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले संत श्री रविदास भवन की महत्वपूर्ण सौगात दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों की मौजूदगी में विधि-विधान से भवन का भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सामाजिक समरसता और गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों तथा सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधनों का विकास किया जाए। ग्राम पानोड़ में संत श्री रविदास भवन का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री सिलावट ने संत श्री रविदास के विचारों और आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि संतश्री रविदास ने अपने जीवन और संदेशों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और समरसता की भावना को मजबूत बनाने की प्रेरणा देते हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात करना और आने वाली पीढ़ियों तक उनके विचारों को पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत-महापुरुषों के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को सम्मान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश में लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से संत श्री रविदास के भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत पानोड़ में भी संत श्री रविदास के नाम पर इस भवन का निर्माण उनके आदर्शों, सामाजिक समरसता और सामुदायिक एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।

मंत्री सिलावट ने कहा कि भवन का निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा। इससे न केवल ग्राम पानोड़, बल्कि आसपास के गांवों के नागरिक भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनभावनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है।

इस दौरान मंत्री श्री सिलावट ने संबंधित निर्माण एजेंसी एवं अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भवन निर्माण की सौगात के लिए मंत्री सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर