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इंदौरः जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हुए उल्लेखनीय कार्य, राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

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इंदौरः जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हुए उल्लेखनीय कार्य, राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना


इंदौर, 05 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इंदौर जिले में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्ष 2025-2026 के दौरान अब तक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। इस अभियान के तहत जल संरक्षण और जल संवर्धन के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में गुरुवार को वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में इंदौर जिले में हुए कार्यों को सराहा गया। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सहित राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए।

इंदौर से इस बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कराये गए जल संवर्धन और जल संरक्षण संबंधी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विगत 30 मार्च 2025 से अभियान की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार इंदौर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के पुनरुद्धार तथा निर्माण कार्यों को आमजन से जोड़कर विशाल जनभागीदारी का स्वरूप दिया गया। अभियान को जन आंदोलन बनाया गया। इंदौर जिले में युद्ध स्तर पर कुएँ, बावड़ी व तालाबों की सफाई व पुनरुद्धार का कार्य किया गया।

कलेक्टर वर्मा ने बैठक के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी से जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया है। जिले में 879 खेत तालाबों का निर्माण किया गया। साथ ही 654 सोक पिट / रिचार्ज पिट बनाए गए। इंदौर में 25 हजार 741 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया गया। इसी तरह 8 पारंपरिक एवं अन्य जल निकायों / टैंकों का नवीनीकरण किया गया और 592 पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, गहरीकरण एवं सफाई के कार्य किए गए। जिले में 24 तालाब चैनलों की सफाई कराई गई और 285 रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण किया गया। इन कार्यों के माध्यम से जिले में जल संरक्षण को मजबूत आधार मिला है और भू-जल स्तर बढ़ाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष भी इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जायेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर