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इंदौरः जनसुनवाई बनी आमजन की समस्याओं के समाधान का माध्यम

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इंदौरः जनसुनवाई बनी आमजन की समस्याओं के समाधान का माध्यम


- कलेक्टर वर्मा ने संवेदनशीलता से सुनीं समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश

इंदौर, 14 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बना रही है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे विभिन्न आवेदकों की समस्याओं को कलेक्टर शिवम वर्मा ने संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए त्वरित सहायता सुनिश्चित की।

जनसुनवाई में एक भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब वृद्ध महिला अपनी तीन नातियों सिद्धि भावले, तमन्ना भावले एवं हिमांशी भावले के साथ अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर वर्मा को बताया कि बच्चियों के माता-पिता का स्वर्गवास हो चुका है, जिसके बाद उनके पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बच्चियों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही हैं।

कलेक्टर ने उनकी बात गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को बच्चियों की स्कूल फीस माफ कराने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने एवं शासन की पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी निर्देशित किया। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से बच्चियों और उनकी नानी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई तथा उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी प्रकार दिव्यांग बालक मिहिर चौहान अपने पिता लखन चौहान के साथ जनसुनवाई में पहुंचे। लखन ने बताया कि उनके पुत्र को सुनने में परेशानी होती है और उसके कान में श्रवण यंत्र लगा हुआ है। श्रवण यंत्र की बैटरी समाप्त हो जाने के कारण उसे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण नई बैटरी खरीदने में असमर्थ है। कलेक्टर ने बालक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल 18 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बालक के उपचार एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया।

एक अन्य प्रकरण में राखी दुबे अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उन्हें वात्सल्य योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन पिछले एक वर्ष से उनके बच्चों के खाते में योजना की राशि जमा नहीं हो रही है, जिससे परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी कक्षा 11वीं में अध्ययनरत है, जबकि छोटा बेटा ऑटिज्म से पीड़ित है। कलेक्टर वर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया।

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अधिकारियों ने आमजन से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर वर्मा के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में कई आवेदन प्राप्त हुए जिसमें मुख्य रूप में प्लॉट, संपत्ति, पारिवारिक विवाद, चिकित्सा सहायता और रोजगार से जुड़े प्रकरण रहे। जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित सभी विभागीय अधिकारियों में नागरिकों की समस्याओं को सहानुभूति के साथ सुना और उनका निराकरण किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर