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इंदौरः जनसुनवाई बनी जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण

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इंदौरः जनसुनवाई बनी जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण


इंदौर, 15 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में प्रति मंगलवार हो रही जनसुनवाई जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई में प्राप्त गंभीर एवं जरूरतमंद मामलों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इंदौर में इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल मूसाखेड़ी निवासी रामदयाल प्रजापति और उनकी पत्नी द्वारिका प्रजापति की कहानी है।

रामदयाल प्रजापति गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण परिवार के सामने उपचार के साथ-साथ रोजमर्रा के जीवन-यापन की भी चुनौती खड़ी हो गई थी। परिवार के लिए नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। ऐसे कठिन समय में रामदयाल प्रजापति ने जनसुनवाई में अपनी समस्या रखी।

जनसुनवाई में मिली मदद, रोजगार की राह खुली

रामदयाल प्रजापति की समस्या सामने आने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उनके स्वास्थ्य संबंधी उपचार में भी प्रशासन द्वारा मदद की गई। साथ ही परिवार को ऐसी आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे वे अपनी परिस्थितियों से उबरकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। इसी पहल का परिणाम रहा कि रामदयाल की पत्नी द्वारिका प्रजापति ने देवगुराड़िया क्षेत्र में चाय, आलू पराठे और भजिए की दुकान शुरू की। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन परिवार के लिए यह दुकान उम्मीद की एक बड़ी किरण बन गई।

बीमारी से जूझ रहे पति का सहारा बनीं पत्नी द्वारिका

पति की बीमारी के बीच पत्नी द्वारिका ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने स्वयं दुकान की जिम्मेदारी संभाली। सुबह से ही चाय, आलू पराठे और भजिए तैयार कर ग्राहकों को उपलब्ध कराने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे लोगों को उनके हाथ का स्वाद पसंद आने लगा और दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। द्वारिका प्रजापति ने बताया कि इस दुकान से लगभग एक हजार रुपये प्रतिदिन की आमदनी हो रही है। यह आय उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे घर के खर्च में मदद मिल रही है और पति के उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक संबल भी मिल रहा है।

शिकायत लेकर आई थीं, आज आभार लेकर पहुंचीं

कुछ समय पहले तक जिस परिवार के सामने बीमारी और आर्थिक संकट की चिंता थी, आज उसी परिवार में अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिखाई देता है। जनसुनवाई में अपनी समस्या रखने वाले रामदयाल प्रजापति का परिवार अब प्रशासन द्वारा मिली सहायता को अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण मोड़ मान रहा है।

इसी भाव से दम्पति रामदयाल और द्वारिका प्रजापति आज कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलने पहुंचीं। वे अपने द्वारा बनाए हुए आलू के पराठे, भजिये साथ लेकर आई थीं। उनका उद्देश्य किसी नई समस्या का आवेदन देना नहीं, बल्कि उस सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करना था, जिसने उनके परिवार को मुश्किल समय में सहारा दिया। दम्पती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कलेक्टर शिवम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वास्थ्य के साथ रोजगार पर भी प्रशासन का जोर

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में जनसुनवाई में आने वाले मामलों में केवल शिकायत का निराकरण ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को वास्तविक राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आजीविका से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर