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इंदौरः सयाजी होटल को हाईकोर्ट से राहत, किचन खोलने के आदेश, खाद्य लाइसेंस निलंबन पर भी रोक

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इंदौरः सयाजी होटल को हाईकोर्ट से राहत, किचन खोलने के आदेश, खाद्य लाइसेंस निलंबन पर भी रोक


इंदौर, 22 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर प्रसिद्ध फाइव स्टार सयाजी होटल को शनिवार देर शाम उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ से बड़ी राहत मिली। तत्काल सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने होटल का किचन तत्काल खोलने के निर्देश दिए और खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी।

उच्च न्यायालय ने माना कि सामने आई कमियों को दूर करने के लिए होटल को पहले सुधार नोटिस देकर निर्धारित समय देना जरूरी था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी कार्रवाई के आधार पर जिला प्रशासन ने शनिवार को होटल के एफएल-3 बार लाइसेंस को भी निलंबित कर दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस कार्रवाई का आधार भी प्रभावित हुआ है।

दरअसल, जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच में सयाजी होटल के किचन और खाद्य सामग्री में कई अनियमितताएं मिलने का दावा किया गया था। प्रशासन के अनुसार जांच के दौरान करीब 24 बिंदुओं पर कमियां मिली थीं। इनमें बिना निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर वाले पैक्ड खाद्य पदार्थ,एक्सपायरी डेट वाले उबले आलू, फफूंद लगी मूंगफली, दीमक, घुन और मक्खी लगे चने, किचन में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, खाद्य सामग्री के रखरखाव में स्वच्छता मानकों की कमी जैसी बातें सामने आने का प्रशासन ने दावा किया था।

प्रशासन का तर्क था कि ऐसी परिस्थितियों में ग्राहकों को असुरक्षित और मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थ परोसे जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सयाजी होटल की ओर से सीनियर एडवोकेट सुमित नेमा, अरुण द्विवेदी और याशिका बोंडवाल ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 और संबंधित विनियमों के तहत कमियां मिलने पर सीधे लाइसेंस निलंबित करने के बजाय पहले सुधार नोटिस जारी किया जाना चाहिए था। होटल की ओर से कहा गया कि जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें दूर करने के लिए होटल को अवसर दिया जाना चाहिए था। इसके लिए नियमानुसार समय भी दिया जाना जरूरी था।

न्यायालय ने कहा कि खाद्य पदार्थों पर निर्माण या समाप्ति तिथि और बैच नंबर का न होना अथवा खाद्य सामग्री का कॉकरोच और चूहों के बीच पाया जाना अपने आप में ऐसा आधार नहीं है, जिससे बिना सुधार का अवसर दिए लाइसेंस निलंबित कर दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि होटल को कमियां दूर करने के लिए धारा 32 के तहत अवसर दिया जाना आवश्यक था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रशासन के आदेश में ऐसे पर्याप्त कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो कि जनस्वास्थ्य के हित में लाइसेंस को सीधे निलंबित करना जरूरी था। इसी आधार पर कोर्ट ने 21 अगस्त के आदेश पर रोक लगाते हुए होटल की रसोई तत्काल खोलने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने बार लाइसेंस किया निलंबित

दरअसल, 20 अगस्त को खाद्य सुरक्षा विभाग ने सयाजी होटल का निरीक्षण किया था। इस दौरान किचन में गंदगी पाई गई थी। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने 21 अगस्त को सयाजी होटल का होटल बार (एफएल-3) लाइसेंस निलंबित कर दिया था। प्रशासन ने इसके लिए खाद्य लाइसेंस के निलंबन को आधार बनाया।

आबकारी विभाग के अनुसार बार लाइसेंस की शर्तों के तहत संबंधित प्रतिष्ठान के पास खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत वैध खाद्य अनुज्ञप्ति होना जरूरी है। खाद्य लाइसेंस निलंबित होने के बाद बार लाइसेंस की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन माना गया और आबकारी अधिनियम की धारा 31(1) के तहत कार्रवाई की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर