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इंदौरः संभागायुक्त ने खरगोन जिले का किया व्यापक निरीक्षण

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इंदौरः संभागायुक्त ने खरगोन जिले का किया व्यापक निरीक्षण


- कलेक्टर, अपर कलेक्टर और नगर तहसील न्यायालय में जांचे राजस्व प्रकरण

इंदौर, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर संभागायुक्त भास्कर लक्षकार बुधवार को खरगोन जिले के व्यापक भ्रमण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले कलेक्टर न्यायालय, अपर कलेक्टर और नगरीय तहसील कार्यालय कोर्ट में राजस्व प्रकरणों की ऑनलाइन समीक्षा की। इसके पश्चात वे जनजातीय जनपद आकांक्षी भगवानपुरा के फील्ड विजिट के लिए निकले।

इस दौरान उन्होंने बिस्टान स्थित सांदीपनि विद्यालय व आंगनवाड़ी और मोहना में जो जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रो फिटिंग योजना देजला देवाड़ा में जल निगम की परियोजना का निरीक्षण किया। सांदीपनि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सूक्ष्मता के साथ पहले विद्यार्थियों से जाना। इसके पश्चात शिक्षकों से पढ़ाई के तरीकों, डेटा संधारण और कर्मचारियों के समयमान वेतनमान आदि की जानकारी ली।

राजस्व प्रकरण शीघ्रता से निराकरण के लिए वीसी के माध्यम से गवाही लेना अच्छा विकल्प

संभागायुक्त लक्षकार ने खरगोन कलेक्टर न्यायालय में आरसीएमएस पोर्टल पर स्वयं द्वारा दर्ज प्रकरणों की जानकारी लेते हुए यह भी देखा कि किस प्रकरण को कब तहसीलदार को भेजा गया तथा तहसीलदार द्वारा उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई? उन्होंने मुख्य रूप से विकल्प बताते हुए कहा कि राजस्व प्रकरणों के गवाही में देरी होने के विभिन्न कारणों से प्रकरण में निर्णय जल्दी नहीं आ पाता है। इसलिए नवाचार के रूप में वीसी के माध्यम से गवाही लेने की प्रक्रिया निर्धारित की जा सकती है।

उन्होंने कलेक्टर व अपर कलेक्टर न्यायालय का निरीक्षण करते हुए भू-अर्जन, भू-आवंटन, धारणाधिकार के प्रकरणों के सम्बंध में जानकारी ली। उन्होंने अर्थदंड के आदेश के संबंध में निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में जब तक वसूली न हो जाए, तब तक प्रकरण बंद नहीं किए जाए। अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरणों के निराकरण का अच्छा प्रतिशत होने पर रेखा राठौर की सराहना भी की।

खरगोन नगरीय तहसील के निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त लक्षकार ने तहसीलदार के न्यायिक और गैर न्यायिक कार्यों के विभाजन, कोर्ट के समय और निर्धारित दिवसों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बी-121 के प्रकरणों के ऑर्डर शीट भी जांची। तहसील न्यायालय में विवादित और अविवादित नामांतरण संपदा से ऑटोमैटिक नामांतरण, सायबर तहसील की रिपोर्ट, फ्लाई शीट, गिरदावरी और स्वामित्व योजना के प्रकरणों के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। तहसील न्यायालय में पटवारी से प्राप्त रिपोर्ट की प्राप्ति को अंकित नहीं करने पर तहसीलदार रावत से नाराजगी जताई।

शिक्षकों की उपस्थिति और वेतन जनरेट करने के आधार की जानकारी ली

संभागायुक्त लक्षकार ने भगवानपुरा जनपद के बिस्टान में सांदीपनि विद्यालय में पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संबंध में विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई का समय , ट्यूशन का समय, मंथली टेस्ट, कंप्यूटर का ज्ञान,किताबों तथा विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए नोट्स आदि के बारे में जाना। साथ ही विद्यार्थियों से भी जानकारी ली। संभागायुक्त ने शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल और ई - एटेंडेंस तथा वेतन जनरेट करने के आधार भी जाने। उन्होंने स्कूल की केशबुक, वाउचर तथा शिक्षकों के जीपीएफ के लंबित प्रकरणों को भी विशेष रूप से देखा।

कर्मचारियों के हितों को ध्यान रखने की दी हिदायत

संभागायुक्त लक्षकार ने सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण करते हुए मुख्य रूप से कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रमुखता से कर्मचारियों की सर्विस बुक के संधारण के तरीके और सेवा पुस्तिकाओं में कर्मचारियों की इंट्री का अवलोकन किया । पाया गया कि सर्विस बुक में 2017 के बाद से इंट्री नहीं की गई। इस संबंध में संबंधितों को कार्य प्रणाली सुधारने के निर्देश दिए गये।

संभागायुक्त ने कलेक्टर व अन्य अधिकारियों को संस्थाओं के निरीक्षण के दौरान सेवा पुस्तिकाओं और पेंशन, समयमान वेतनमान आदि प्रकरणों को भी जांचने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त लक्षकार द्वारा मोहना ग्राम में जल जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रो फिटिंग योजना के कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। इस संबंध में ग्रामीणों सहित रोजगार सहायक और कार्यपालन यंत्री सूर्यवंशी से भी जानकारी ली। साथ ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण कर वेयर हाउस से प्राप्त हुए चावल के संबंध में भौतिक सत्यापन और दुकान का स्टॉक भी जांचा। इसके अलावा उन्होंने देजला देवाड़ा गांव में जल निगम के निर्माणाधीन इंटेकवेल का भी निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी ली।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिरवेल की स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने दुर्गम क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिरवेल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संस्थान में प्रसव सेवाओं, एम्बुलेंस की उपलब्धता, क्षेत्र में नेटवर्क कनेक्टिविटी, ओपीडी, एएनसी सेवाओं, प्रथम तिमाही में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं, सैंपल कलेक्शन व्यवस्था तथा प्रयोगशाला उपकरणों की जानकारी ली। दवाओं का स्टॉक एवं एक्सपायरी प्रबंधन की समीक्षा के दौरान स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिलने पर उन्होंने आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन निर्माण एजेंसी से सभी मूलभूत कार्य पूर्ण कराने, खिड़कियों पर पर्दे लगाने, आवश्यक संकेतक स्थापित करने, विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा बेड पर पर्याप्त चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संभागायुक्त ने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं की सामान्य प्रसूति संभव है, उनकी डिलीवरी स्थानीय स्तर पर ही कराई जाए, ताकि दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। स्टाफ की कमी की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं कलेक्टर गुरु प्रसाद ने सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को यह जानकारी देने के निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नियमित रूप से चिकित्सक उपलब्ध हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गुरु प्रसाद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिलिंद कुमार नागदेवे, एसडीएम सत्येंद्र बैरवा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर