इंदौर ने फिर रचा इतिहास, पीएम स्वनिधि योजना 2.0 में देश में प्रथम स्थान पर
- बैंगलूर एवं ग्रेटर मुंबई देश में दूसरे एवं तीसरे स्थान पर
इंदौर, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 के सफल क्रियान्वयन में पूरे देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर देश में इंदौर का परचम फहराया है।
जनसम्पर्क अधिकारी महिपाल अजय ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशन में नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक कुल 33,332 ऋण प्रकरणों का वितरण बैंकों के माध्यम से किया गया है, जिससे इंदौर शहर ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
स्वच्छता में देश का सिरमौर इंदौर अब आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में भी अग्रणी बनकर उभरा है। इस उपलब्धि पर महापौर भार्गव एवं निगम आयुक्त सिंघल ने शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों तथा योजना के क्रियान्वयन में सहयोग करने वाले सभी विभागों एवं एजेंसियों को बधाई दी है।
लक्ष्य के विरुद्ध उत्कृष्ट प्रदर्शन
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत इंदौर को 33,028 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध नगर निगम द्वारा 52,156 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए। इनमें से 34,809 प्रकरण स्वीकृत हुए तथा 33,332 हितग्राहियों को ऋण वितरित कर लाभान्वित किया गया। देश स्तरीय रैंकिंग में इंदौर 33,332 प्रकरणों में ऋण वितरण के साथ प्रथम स्थान पर रहा। 25,829 प्रकरणों के साथ बेंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) दूसरे स्थान पर तथा 24,843 प्रकरणों में ऋण वितरण के साथ ग्रेटर मुंबई तीसरे स्थान पर रहा।
पीएम स्वनिधि योजना का संक्षिप्त विवरण
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का प्रारंभ जून 2020 में हुआ था, जिसका उद्देश्य शहरी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत प्रारंभिक रूप से 10,000, 20,000 एवं 50,000 रुपये तक के ऋण प्रदान किए जाते थे। अब योजना को पुनर्गठित कर इसकी अवधि मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है। पीएम स्वनिधि योजन 2.0 के तहत ऋण की राशि अब 10,000 रुपये की राशि बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई हैं। वहीं 20,000 रुपये की राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये तथा 50,000 रुपये की राशि यथावत रखी गई है। दूसरी ट्रेंच पूर्ण करने पर 30,000 रुपये तक की क्रेडिट कार्ड सुविधा भी दी गई है। यह योजना गत 17 सितम्बर 2025 को पुनः प्रारंभ की गई तथा 01 अक्टूबर 2025 से पोर्टल प्रभावशील है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियाँ
आयुक्त सिंघल ने बताया कि नगर निगम इंदौर द्वारा गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऋण वितरण 15,000 रुपये के 16,922 प्रकरण, 25,000 रुपये के 10,117 प्रकरण तथा 50,000 रुपये के 5,989 प्रकरण, इस प्रकार कुल 33,028 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरूद्ध नगर निगम द्वारा 51,000 से अधिक प्रकरण बैंकों को भेजकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया।
समग्र उपलब्धि (वर्ष 2020 से वर्तमान तक)
उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ट्रेंच में 1,19,025, द्वितीय ट्रेंच में 50,719 तथा तृतीय ट्रेंच में 17,807 ऋण प्रकरण स्वीकृत हुए। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,87,590 ऋण प्रकरण स्वीकृत हुए तथा 322.08 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को वितरित की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

