इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सामान्य हो रही स्थित, अब भी 7 मरीज आईसीयू में, 2 वेंटीलेटर पर
इंदौर, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के उपरांत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई त्वरित और प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप क्षेत्र में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अब भी कुछ मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि क्षेत्र में मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। मंगलवार को भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी में 122 मरीज पहुंचे, जिसमें से डायरिया के तीन मरीज थे। अस्पतालों में अब तक कुल 449 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिसमें से 433 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट गए हैं। फिलहाल 09 मरीज अभी भी वार्ड में भर्ती हैं और 07 आईसीयू में उपचारत हैं। इनमें से दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
उन्होंने बताया कि कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 02 एम्बुलेंस लगाई गई हैं, 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। मरीजों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था की गई है। इन अस्पतालों में निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु निर्देशित किया गया है।
इंदौर में मंगलवार को महावीर बाग, तिलक नगर स्थित पानी की टंकी पर संकल्प से समाधान अभियान शिविर और जल सुनवाई हुई। यहां पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी पहुंचे और लोगों से चर्चा की। इस दौरान कई लोगों ने इलाके में पानी की समस्या से भी उन्हें अवगत कराया। जल सुनवाई में महापौर ने खुद लोगों की पानी से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुना। लोगों ने पानी न आने, दूषित पानी आने और पुरानी लाइनों के कारण बार-बार उत्पन्न हो रही समस्याओं के बारे में महापौर को शिकायत की।
इंदौर के भागीरथपुरा में आया पानी, लोगों ने नहीं भरा
इंदौर के भागीरथपुरा में अभी क्षेत्र के दूसरे हिस्से में पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है, जबकि 13 जनवरी से एक दिन छोड़कर करीब 30% हिस्सों में पानी की सप्लाई की जा रही है। मंगलवार को भी पानी की सप्लाई की गई, लेकिन लोगों ने पानी नहीं भरा। उनका कहना है कि मन में डरा भरा हुआ है। कोई भरोसा नहीं कब गंदा पानी आ जाए।
रहवासी अर्चना यादव ने बताया कि जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसका इस्तेमाल पीने के लिए नहीं कर रहे हैं, क्योंकि मन का डर अभी नहीं निकला है। सभी लोगों की स्थिति यही है और सभी सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि, पानी के टैंकर घर-घर आ रहे हैं। पीने के लिए भी टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। टैंकर से पानी आते समय अनाउंसमेंट किया जाता है कि टैंकर के पानी को भी उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें और अभी सावधानी बरतें। लोग वैसा ही कर भी रहे हैं, लेकिन पीने के लिए अलग से पानी खरीदकर ला रहे हैं। वे 2 से 3 केन पानी खरीदते हैं।
रहवासी शोभा पाटिल ने बताया कि मन नहीं मानता इसलिए हम पीने के लिए आरओ का पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं। डर का माहौल तो है। आज सप्लाई आई, लेकिन हमने पानी नहीं भरा, नल ही नहीं खोला। पहले जब नल खोला था तो मिट्टी और गंदा पानी आया था। आज करीब 10 मिनट के लिए पानी आया था। इस्तेमाल के लिए अलग और पीने के लिए अलग टैंकर आता है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

