मप्र: अवैध शराब कारोबार में कांग्रेस नेताओं के नाम आने पर मंत्री विश्वाास सारंग ने जीतू पटवारी से मांगा जवाब
भोपाल, 02 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी के मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस प्रकरण में कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि शराब तस्करी के मामलों में बार-बार कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम क्यों सामने आ रहे हैं? क्या अवैध शराब कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य खर्चों में किया जा रहा है?
मंत्री सारंग ने साेमवार काे मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि खातेगांव में सामने आए मामले के प्रारंभिक तथ्यों के अनुसार, इसके तार हरदा के युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष और खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रभारी राहुल जायसवाल से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि टिमरनी की जिस शराब दुकान का नाम इस प्रकरण में सामने आया है, उसमें राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल की साझेदारी है। दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने भी पुलिस को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। हालांकि, मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
पहले भी सामने आए कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम
सारंग ने कहा कि इससे पहले देवास के एक अवैध शराब प्रकरण में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल का नाम सामने आया था। अब खातेगांव के मामले में राहुल जायसवाल और उनके भाई की कथित साझेदारी वाली शराब दुकान का उल्लेख जांच में हो रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों में कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम आने पर पार्टी नेतृत्व को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल किया कि आखिर अवैध शराब के कारोबार में कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं? इस नेटवर्क को किसका संरक्षण प्राप्त है और इसकी कमाई का इस्तेमाल कहां हो रहा है? सारंग ने यह भी पूछा कि कहीं अवैध कमाई से कांग्रेस के बिजली बिल, धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों का खर्च तो नहीं चलाया जा रहा है। उन्होंने पटवारी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की।
पुलिस जांच में वाहन और गुप्त कंपार्टमेंट की जानकारी
मंत्री सारंग ने बताया कि खातेगांव में अवैध शराब तस्करी के दौरान पुलिस कार्रवाई के समय थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने चेकिंग के लिए आयशर वाहन रुकवाने का प्रयास किया था। वाहन चालक ने वाहन पुलिस अधिकारी पर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने अवैध शराब तस्करी के मामले को और गंभीर बना दिया है। सारंग के मुताबिक, तस्करी में इस्तेमाल किया गया आयशर वाहन खरगोन निवासी अकील कुरैली के नाम पर पंजीकृत पाया गया है। पुलिस वाहन के स्वामित्व और तस्करी नेटवर्क में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। आबकारी निरीक्षक के अनुसार, वाहन में ऊपर की बजाय निचली तरफ विशेष गुप्त कंपार्टमेंट बनाया गया था, जिसमें कथित तौर पर शराब की 100 से 200 पेटियां ले जाई जा रही थीं। वाहन में शराब परिवहन का वैध परमिट भी नहीं मिला।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कैबिनेट मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। खातेगांव प्रकरण में भी जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी भी राजनीतिक दल या प्रभावशाली वर्ग से जुड़ा हो, कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

