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मध्य प्रदेश में 6 से 12 वर्ष उम्र के बच्चों के लिए बनेगा हॉकी का फीडर सेंटर, खेल मंत्री ने की घोषणा

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मध्य प्रदेश में 6 से 12 वर्ष उम्र के बच्चों के लिए बनेगा हॉकी का फीडर सेंटर, खेल मंत्री ने की घोषणा


- स्क्रीन टाइम घटाएं और एक घंटा खेल मैदान में बिताएं : मंत्री सारंग

भोपाल, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर प्रदेश के 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए हॉकी फीडर सेंटर शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस फीडर सेंटर में कम उम्र से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण एवं मंच देकर उनका समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

दरअसल, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रदेशभर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं फिटनेस गतिविधियां आयोजित की गई हैं। राजधानी भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मैत्री हॉकी मैचों का आयोजन किया गया। टीटी नगर स्टेडियम में स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार, कराते, बॉलीबाल, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, जूडो, बॉक्सिंग, कुश्ती सहित पैरेंट्स फन गेम्स हुए। इन आयोजनों में खेल मंत्री विश्वास सारंग ने शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार में शामिल होकर खेल मंत्री सारंग ने कहा कि स्क्रीन टाइम घटाएं और एक घंटा खेल मैदान में बिताएं, जिससे युवाओं को शारीरिक, मानसिक सहित समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। सेमिनार में पोषण, इंजरी सहित अन्य विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया गया।

भोपाल में हुआ हॉकी का मैत्री मैच

कार्यक्रम में पहला मैत्री हॉकी मुकाबला एमपी अकादमी और भोपाल वांडर्स के बीच खेला गया। इसमें एमपी अकादमी ने 3-0 से मैच जीता। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों में उत्साह पैदा किया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने तेज आक्रमण, मजबूत डिफेंस और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया। वहीं महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला वर्ग में रायसेन क्वीन और भोपाल टाइग्रेस के बीच मैत्री हॉकी मैच हुआ। जिसमें भोपाल टाइग्रेस ने शूट आउट में 3-2 से मैच जीती।

6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए फीडर सेंटर में मिलेगा प्रशिक्षण

मंत्री सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में 11 खेल अकादमियों का संचालन किया जा रहा है। इन अकादमियों में प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने कहा कि अब खेल अकादमियों के लिए प्रतिभाओं को और कम उम्र से तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों को फीडर सेंटर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रयास है कि प्रतिभाओं की तलाश केवल अकादमी स्तर पर नहीं, बल्कि उससे भी नीचे स्तर से हो। फीडर सेंटर के माध्यम से छोटे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना जाएगा, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी क्षमता अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

जमीनी स्तर से होगा टैलेंट सर्च

मंत्री सारंग ने कहा कि यह मध्य प्रदेश में जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तैयार करने की दिशा में नया प्रयोग है। अभी तक जहां खिलाड़ियों का चयन अपेक्षाकृत बड़े स्तर पर होता था, वहीं अब गांव, ब्लॉक और स्थानीय स्तर तक प्रतिभा खोजने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।

मंत्री सारंग ने कहा कि 6 से 12 वर्ष की उम्र बच्चों में खेल कौशल विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसी उम्र में यदि बच्चों को सही प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और खेल का वातावरण मिले तो उन्हें भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जा सकता है। फीडर सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे चलकर खेल अकादमियों से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रकार फीडर सेंटर से लेकर अकादमी और फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के विकास की एक मजबूत श्रृंखला तैयार होगी।

अकादमी तक पहुंचेगी नई प्रतिभाएं

मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं है, बल्कि खिलाड़ी तैयार करने की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है। फीडर सेंटर इस पूरी व्यवस्था की शुरुआती कड़ी होंगे। यहां से तैयार होने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार संबंधित खेलों में आगे बढ़ाया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में संचालित 11 खेल अकादमियां उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही हैं। अब फीडर सेंटर के माध्यम से इन अकादमियों के लिए प्रतिभाओं की एक मजबूत और सतत पाइपलाइन तैयार होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर