ग्वालियरः योजनाओं में तेजी लाने के लिए संभागीय आयुक्त ने दिए कड़े निर्देश
- वृंदावन ग्राम योजना की विस्तृत कार्य योजना बनाकर दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी की जाए: संभाग आयुक्त खत्री
ग्वालियर, 06 मई (हि.स.)। जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रगति लाएं। वृन्दावन ग्राम योजना अंतर्गत अधोसंरचना विकास के साथ साथ क्षमता वृद्धि पर हमारा जोर होना चाहिए। इस योजना के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी पर हमारा फोकस होना चाहिए।
यह बात बुधवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग के कमिश्नर मनोज खत्री ने दतिया जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान कहीं । संभागीय आयुक्त खत्री ने विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा कर प्रगति बढ़ाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए खत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के साथ-साथ क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, पशुपालकों की क्षमता वृद्धि तथा मवेशियों की संख्या में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद एवं पशु चिकित्सा विभाग मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाएं और उसका प्रभावी क्रियान्वयन करें। नल-जल योजना की समीक्षा में उन्होंने जलकर की नियमित वसूली सुनिश्चित करने तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। एकल नल-जल योजना में भी प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना के तहत बैंक ऋण वितरण एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामूहिक दावों पर समयबद्ध सुनवाई एवं कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में जनपद सीईओ को भी अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने आरसीएमएस के अंतर्गत नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। रबी उपार्जन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डीएसओ को निर्देशित किया कि फसल का उपार्जन, परिवहन एवं भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। सर्वेयरों द्वारा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम को इसकी सतत मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया। नरवाई प्रबंधन पर भी विशेष समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, टीकाकरण, एनआरसी बेड ऑक्यूपेंसी, टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग एवं उपचार, सिकल सेल एनीमिया आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
संभागीय आयुक्त खत्री ने जर्जर भवनों की वर्षा ऋतु से पूर्व मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित करने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए सभी एसडीएम, सीएमओ, डीईओ, डीपीसी एवं महिला बाल विकास अधिकारियों को अपने स्तर पर निगरानी कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने जनगणना के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग कार्य, स्वामित्व योजना, igot प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था के तहत संवेदनशील क्षेत्रों के जोनल प्लान, ncord बैठक, एससी/एसटी प्रकरणों के निराकरण, प्रधानमंत्री राहत, डीआरएससी बैठक के अंतर्गत सड़क सुरक्षा से जुड़े ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं अन्य कार्यों की समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

