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मप्रः सलकनपुर में एक हजार ऊंचे विन्ध्य पर्वत पर विराजमान हैं माता विजयासन, नवरात्रि में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

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मप्रः सलकनपुर में एक हजार ऊंचे विन्ध्य पर्वत पर विराजमान हैं माता विजयासन, नवरात्रि में उमड़ेगा आस्था का सैलाब


मप्रः सलकनपुर में एक हजार ऊंचे विन्ध्य पर्वत पर विराजमान हैं माता विजयासन, नवरात्रि में उमड़ेगा आस्था का सैलाब


- 300 साल पहले बंजारों ने की थी सलकनपुर में विजयासन धाम की स्थापना

सीहोर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के सलकनपुर के पास, एक हजार फीट ऊंचे विन्ध्य पर्वत पर माता विजयासन देवी का मंदिर है। यह देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। रविवार, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान यहां आस्था का सैलाब देखने को मिलेगा। नवरात्रि में यहां देशभर से लोग दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे।

पुराणों के अनुसार, देवी विजयासन माता पार्वती का ही अवतार हैं, जिन्होंने देवताओं के आग्रह पर रक्तबीज नामक राक्षस का वध कर सृष्टि की रक्षा की थी। रक्तबीज का संहार कर विजय पाने पर देवताओं ने यहॉं माता को जो आसन दिया, वही विजयासन धाम के नाम से विख्यात हुआ, और माता का यह रूप विजयासन देवी कहलाया।

एक किवदंती यह भी प्रचलित है कि लगभग 300 साल पहले बंजारे अपने पशुओं के साथ जब इस स्थान पर विश्राम करने के लिए रूके, तब अचानक उनके सारे पशु गायब हो गए। बहुत ढूंढने के बाद भी पशु नहीं मिले। तभी एक बुजुर्ग बंजारे को एक बालिका दिखाई दी। उस बुजुर्ग ने उस बालिका से पशुओं के बारे में पूछा तो उसने कहा कि इस स्थान पर पूजा-अर्चना कीजिए, आपको सारे पशु वापस मिल जाएंगे और हुआ भी वैसा ही। अपने खोए हुए पशु वापस मिलने पर बंजारों ने उस स्थान पर मंदिर का निर्माण किया। तभी से यह स्थल शक्ति पीठ के रूप में स्थापित हो गया।

देशभर से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन माता विजयासन के दर्शन एवं पूजा अर्चना के लिए आते हैं। नवरात्रि में यहॉं विशाल मेला लगता है। शारदीय नवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। यह भोपाल से 75 किलोमीटर दूर सीहोर जिले के सलकनपुर नामक गांव के में स्थित है। मंदिर परिसर तक रोपवे और सड़क मार्ग के साथ ही सीढ़ी मार्ग से भी जाया जा सकता है। मंदिर परिसर तक लगभग 1400 सौ सीढ़ियॉं हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर