मध्य प्रदेश में जीसीसी और स्पेसटेक इकोसिस्टम को मिलेगा विस्तार
- बेंगलुरु में उद्योग आउटरीच कार्यक्रम में निवेश और साझेदारी के अवसरों पर हुई चर्चा
भोपाल, 19 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बुधवार को बेंगलुरु में एक दिवसीय उच्चस्तरीय 'उद्योग आउटरीच कार्यक्रम' का आयोजन किया गया।
'विकसित मध्य प्रदेश' के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधिमंडल ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के प्रमुखों, टेक्नोलॉजी इनेबलर्स और स्पेसटेक इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। इसका उद्देश्य ज्ञान-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित निवेश को आकर्षित कर मध्यप्रदेश को देश का अगला आईटी व स्पेसटेक हब बनाना है।
इंदौर में बनेगा एएनएसआर का नया सेंटर, किराए के परिसर से जल्द शुरू होगा परिचालन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिनिधिमंडल द्वारा वैश्विक जीसीसी संचालक संस्था 'एएनएसआर' के बेंगलुरु स्थित परिसर के भ्रमण से हुई। इस दौरान '90 दिनों में जीसीसी' मॉडल पर गहन चर्चा की गई, जिसके तहत सिंगल विंडो क्लीयरेंस के जरिए वैधानिक पंजीकरण, लीज और प्रतिभा चयन की प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूर्ण की जाती हैं। चर्चा के फलस्वरूप एएनएसआर ने इंदौर में अपनी नई सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया है और शीघ्र ही इसका आधिकारिक प्रस्ताव जमा करेगी। कंपनी अंतरिम रूप से किराए के परिसर से अपना परिचालन शीघ्र ही शुरू करेगी।
इंदौर और भोपाल बनेंगे टियर-2 जीसीसी हब, एवीजीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव
प्रथम राउंडटेबल में 'टियर-2 शहरों में जीसीसी इकोसिस्टम के उदय' विषय पर उद्योग विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि टियर-2 शहरों में केवल रियल एस्टेट ही नहीं, बल्कि समृद्ध 'टैलेंट पूल' भी मुख्य आकर्षण है। इंदौर और भोपाल के विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के दम पर राज्य प्रतिस्पर्धी हब-एंड-स्पोक मॉडल विकसित कर सकता है। इस दौरान क्वेस कॉर्प, कारगिल, नैसकॉम, सीआईआई और फिक्की जैसी संस्थाओं ने कौशल विकास व फिनिशिंग स्कूलों की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, एनीमेशन उद्योग संस्था (ABAI) ने इंदौर और भोपाल में एनीमेशन प्रतिभा को देखते हुए 'एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
स्पेसटेक क्लस्टर की डीपीआर का अनावरण, इसरो सुविधा और रक्षा निर्माण से मिलेगा बल
दूसरे राउंडटेबल में मध्य प्रदेश के प्रस्तावित 'स्पेसटेक क्लस्टर' की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का अनावरण किया गया। सम्मेलन में बताया गया कि भोपाल में इसरो (ISRO) की मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, राज्य का मजबूत रक्षा निर्माण क्षेत्र और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति मध्यप्रदेश को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए अनुकूल है। इसके तहत सैटेलाइट सिस्टम, ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेस स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी।
बेंगलुरु में आयोजित उद्योग आउटरीच कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में GCC, AVGC-XR और SpaceTech के क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की नई संभावनाएँ सामने आई हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एएनएसआर की प्रस्तावित इंदौर सुविधा, एवीजीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्पेसटेक क्लस्टर की डीपीआर को अंतिम रूप देने सहित बेंगलुरु में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। ये प्रयास तकनीक आधारित विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

