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मप्रः बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन 24 अक्टूबर को

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मप्रः बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन 24 अक्टूबर को


- 13 लाख से अधिक नवसाक्षर परीक्षा में होंगे शामिल

भोपाल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के समस्त जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा 24 अक्टूबर को होगी। यह पूरे प्रदेश में होगी। इसमें लगभग 13 लाख से अधिक नवसाक्षर अपनी बुनियादी साक्षरता की योग्यता को साबित करेंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान कर साक्षर करने हेतु उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे असाक्षर जिनमें यूनेस्कों की परिभाषा अनुसार, मुद्रित एवं लिखित सामग्री का उपयोग करके पहचानने, समझने, व्याख्या करने, बनाने, संवाद करने और गणना करने की क्षमता नहीं है। ऐसे निरक्षरों को साक्षर करने के लिए उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम वर्ष 2022 से 2027 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत वर्ष में 2 बार बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन’’ परीक्षा आयोजित की जाती है।

ये होंगे परीक्षा में शामिल

परीक्षा में सम्मिलित होने वाले नवसाक्षर वह शिक्षार्थी होते हैं जिन्हें सर्वे के द्वारा चिन्हांकित किया गया हो और अक्षर साथियों के द्वारा उनका नामांकन किया जाकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा आईपीसीएल पद्धति से तैयार की गई उल्लास-अक्षर पोथी प्रवेशिका से अध्ययन कार्य किया हो। इसके अतिरिक्त पूर्व के वे नवसाक्षर भी इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं जिन्होंने साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित कक्षाओं में प्रवेशिका पूर्ण कर अंतरिम मूल्यांकन में सफलता अर्जित की हो , लेकिन प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं मिला हो। साथ ही ऐसे व्यक्ति जो पूर्व से शिक्षित है किंतु उनके पास किसी प्रकार का शैक्षणिक प्रमाण-पत्र न हो उन्हें भी प्रमाणीकरण के लिये मूल्यांकन परीक्षा में शामिल किया जा सकता है।

साक्षरता कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक का उपयोग

उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में गठित राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा मोबाइल ऐप और पोर्टल भी विकसित किया गया है।

डोर-टू-डोर सर्वे एवं साक्षरता कक्षाओं की मॉनीटरिंग जियो टैग के माध्यम से की जा रही है। साक्षरता कार्यक्रम में स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं, एनसीसी एवं स्काउट गाइड कैडेट्स की मदद ली जा रही है। प्रदेश में असाक्षर व्यक्ति को उल्लास अक्षर पोथी के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। शनिवार को होने वाली परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के स्पॉट मूल्यांकन उपरांत रिजल्ट तथा अन्य विवरणों की ऑनलाइन एंट्री भी मोबाइल ऐप तथा पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।

प्रदेश में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’’ वर्ष 2022 से शुरू हुआ है और यह वर्ष 2027 तक निरंतर संचालित होगा। इसके अंतर्गत अभी तक 6 मूल्यांकन परीक्षाओं का आयोजन किया जा चुका है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में शामिल स्वयं-सेवकों को अक्षर साथी'' का नाम दिया गया है। साक्षरता से जुड़े पाठ्यक्रमों को वीडियो के ज़रिए व्हाट्स-ऐप ग्रुप, यू-ट्यूब और पोर्टल के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।

उत्तीर्ण नवसाक्षरों को मिलेगा प्रमाण पत्र

यह परीक्षा गांव/कस्बों/नगरों में असाक्षरों के घरों के नजदीकी स्कूलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा परीक्षा से संबंधित समस्त तैयारियों की जाकर समस्त जिलों के कलेक्टर व जिलों के विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में उत्तीर्ण नवसाक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन संस्थान (एन.आई.ओ.एस.) द्वारा साक्षरता परीक्षा का प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा।

सुबह 10 बजे से होगी परीक्षा

परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होगी और तीन घंटे तक चलेगी। राज्य स्तर के शीर्ष अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर्स एवं अन्य मैदानी अधिकारियों द्वारा गहन मॉनिटरिंग की जाएंगी। नवसाक्षरों को परीक्षा केन्द्र तक लाने में अक्षर साथी, सामाजिक संस्था, वरिष्ठ नागरिकों, एस.आर.एल.एन., एन.एस.एस. एन.सी.सी. भारत स्काउट गाईड, नेहरू युवा केन्द्र, जन अभियान परिषद अंतर्गत मुख्यमंत्री नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के छात्र/छात्राओं एवं अन्य समाज जनों का सहयोग लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर